खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- बड़ा खुलासा: नवगछिया पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझाई दोहरे हत्याकांड की गुत्थी।
- गिरफ्तारी: एक ही परिवार के 4 सदस्यों सहित कुल 5 आरोपी सलाखों के पीछे।
- वजह: घायल अजेश का प्रेम-प्रसंग बना मौत का कारण; दोस्त दे रहे थे बाहर ‘पहरा’।
- वारदात: केला बागान में ले जाकर तीनों को मारी गई थी गोली; 2 की मौत, 1 बचकर भागा।
नवगछिया: भागलपुर के नवगछिया में शुक्रवार की सुबह कलबलिया धार के पास मिली दो लाशों ने जो सनसनी फैलाई थी, पुलिस ने उस पर से पर्दा उठा दिया है। यह मामला सिर्फ हत्या का नहीं, बल्कि ‘प्यार और पहरेदारी’ के खूनी टकराव का है। एसपी प्रेरणा कुमार ने प्रेस वार्ता कर बताया कि इस जघन्य कांड को अंजाम देने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तकनीकी अनुसंधान और SIT की मुस्तैदी ने आरोपियों को भागने का मौका नहीं दिया।
केला बागान में ‘डेथ वारंट’: क्या हुआ था उस दिन?
पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई है, वह किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है:
- प्रेम-प्रसंग: घायल युवक अजेश उर्फ अजय कुमार का गांव की ही एक लड़की से प्रेम-प्रसंग था।
- दोस्ती की कीमत: घटना वाले दिन अजेश लड़की से मिलने उसके घर गया था। उसके दो दोस्त (गुलशन और नीरज) घर के बाहर ‘रेकी’ कर रहे थे ताकि कोई देख न ले।
- पकड़े गए: लड़की के परिजनों (नीतीश, अखिलेश और अन्य) को इसकी भनक लग गई। उन्होंने तीनों दोस्तों को दबोच लिया।
- एग्जीक्यूशन: आरोपी तीनों को कलबलिया धार के पास एक केला बागान में ले गए और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। अजेश जख्मी हालत में जान बचाकर भाग निकला, लेकिन उसके दोनों दोस्तों को मौत के घाट उतार दिया गया और शवों को छिपाने के लिए फेंक दिया गया।
सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी (Arrested List)
SIT ने 24 घंटे के अंदर छापेमारी कर इन आरोपियों को दबोचा है:
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- नीतीश कुमार और अखिलेश उर्फ रूबल (पिता- देवो मंडल)
- संजो देवी (पति- देवो मंडल) और देवो मंडल (सभी बोरवा निवासी)
- विजय मंडल (गोसाई गांव निवासी)
”हमने कांड में संलिप्त मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है। अजेश का बयान इस केस में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ।” — प्रेरणा कुमार, एसपी, नवगछिया
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: “ससुराल से लौट रहे थे तीनों”
मृतक गुलशन के भाई अखिलेश मंडल ने बताया कि वे लोग होली के मौके पर पत्नी को ससुराल (मोरकाही) छोड़ने आए थे। वहां से तीनों दोस्त अपने ‘मौसिया ससुराल’ (बोरवा) गए और बुधवार शाम 4 बजे वहां से निकले। किसी को अंदाजा नहीं था कि एक दोस्त का ‘इश्क’ बाकी दो दोस्तों के लिए ‘काल’ बन जाएगा।


