मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज के कारण चर्चा में हैं। हालिया साक्षात्कार में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी अटूट निष्ठा जताते हुए कहा कि यदि नीतीश कुमार राजनीति से संन्यास लेते हैं, तो वे भी अपनी विधायकी छोड़ देंगे।
नीतीश कुमार के प्रति निष्ठा की पुष्टि
साक्षात्कार में जब उनसे पुराने बयान के बारे में पूछा गया, तो अनंत सिंह ने कहा,
“हां, बिल्कुल छोड़ देंगे। जब तक वह हैं, तब तक हम हैं; वह नहीं रहेंगे तो हम भी नहीं रहेंगे।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति में गठबंधन और नेतृत्व को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं।
बिना मेहनत के जीत का दावा
विधायक बनने की प्रक्रिया पर चुटकी लेते हुए अनंत सिंह ने कहा,
“हमें कौन सी मेहनत करनी पड़ती है? हमारा प्रभु (जनता) खुद हमें जिताकर लाता है। हम पांच बार चुनाव लड़े और पांचों बार जीते।”
उन्होंने अपनी लोकप्रियता का श्रेय सीधे जनता के समर्थन को दिया।
मोकामा और आसपास के क्षेत्रों पर प्रभाव
अनंत सिंह ने कहा कि वे अकेले दम पर कम से कम 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव परिणाम प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा,
“पूरा क्षेत्र मोकामा है, बाढ़ है। हम सिर्फ नामांकन कर देंगे तो सामने वाले की खटिया खड़ी हो जाएगी।”
राज्यसभा में नीतीश कुमार का प्रवेश और भविष्य
नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद अनंत सिंह ने कहा कि 2005 से लेकर आज तक उनका मुख्यमंत्री के रूप में नेतृत्व बिहार के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज रहेगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यों ने बिहार की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी है—सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था में उनके योगदान को उन्होंने याद किया।
अनंत सिंह ने कहा,
“ईश्वर से प्रार्थना है कि उनका अनुभव, उनकी दूरदृष्टि और बिहार के प्रति समर्पण देश को नई दिशा देने का काम करे। बिहार की माटी का यह सपूत जहां भी रहे, बिहार का मान और स्वाभिमान हमेशा ऊँचा रहे।”


