खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- रंगोत्सव: सुल्तानगंज के विश्व प्रसिद्ध अजगैबीनाथ धाम में होली की जबरदस्त धूम।
- बधाई संदेश: नगर सभापति राज कुमार गुड्डू और उपसभापति नीलम देवी ने दी शुभकामनाएं।
- धार्मिक उल्लास: आत्मादास ठाकुरवाड़ी के महंत ने देशवासियों को दिया सुख-समृद्धि का आशीर्वाद।
- संदेश: ऊंच-नीच और भेदभाव मिटाकर एक-दूसरे को गुलाल लगाकर मनाया गया भाईचारे का पर्व।
सुल्तानगंज/भागलपुर: उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर स्थित बाबा अजगैबीनाथ की नगरी सुल्तानगंज में इस बार होली का नजारा देखते ही बन रहा था। केसरिया और लाल गुलाल की चादर में लिपटे इस शहर में हर तरफ ‘जोगिरा सारा रारा’ और ‘हर-हर महादेव’ की गूंज सुनाई दी। आस्था और उत्साह के इस मेल ने सुल्तानगंज की गलियों को खुशियों के रंगों से सराबोर कर दिया।
सभापति और उपसभापति ने उड़ाया ‘भाईचारे’ का गुलाल
होली के पावन अवसर पर सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति राज कुमार गुड्डू और उपसभापति नीलम देवी ने स्थानीय लोगों के बीच पहुँचकर उन्हें बधाई दी।
- सांप्रदायिक सौहार्द: दोनों जनप्रतिनिधियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया और शहरवासियों को संदेश दिया कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का त्योहार है।
- सीधा संवाद: सभापति ने अपील की कि सभी लोग आपसी गिले-शिकवे भुलाकर शांतिपूर्ण ढंग से इस उत्सव का आनंद लें।
ठाकुरवाड़ी में गूँजे ‘फागुनी’ गीत
धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण आत्मादास ठाकुरवाड़ी में भी होली का विशेष आयोजन हुआ।
- महंत का आशीर्वाद: ठाकुरवाड़ी के महंत ने सुल्तानगंज क्षेत्र के साथ-साथ पूरे देशवासियों की खुशहाली की कामना की।
- समाजिक जुड़ाव: विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी इस दौरान सक्रिय रहे और जगह-जगह गुलाल लगाकर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया।
VOB का नजरिया: आस्था के आंगन में रिश्तों का रंग
सुल्तानगंज जैसे तीर्थ स्थल पर होली का यह रूप बताता है कि हमारी जड़ें आज भी कितनी मजबूत हैं। बाबा अजगैबीनाथ की छांव में जब शहर का प्रथम नागरिक और मंदिर का महंत एक साथ गुलाल उड़ाते हैं, तो वह समाज के लिए एकता की सबसे बड़ी मिसाल बन जाती है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ सुल्तानगंज की इस रंगीन और शांतिपूर्ण होली की सराहना करता है।


