बिहार के गया जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 किलो 178 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया। यह अफीम एक काले रंग की स्कॉर्पियो से तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। मौके पर राजस्थान और झारखंड के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। बरामद अफीम की कीमत लाखों में बताई जा रही है।
अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह का खुलासा
गया पुलिस की कार्रवाई में यह भी पता चला कि मादक पदार्थ तस्करी में एक अंतरराज्यीय गिरोह शामिल है। स्कॉर्पियो से बरामद अफीम के दूध के साथ पुलिस ने 1 लाख 42 हजार 500 रुपये नकद भी जब्त किए। यह सप्ताह भर के भीतर अफीम बरामदगी की दूसरी बड़ी घटना है।
इमामगंज पुलिस ने की विशेष कार्रवाई
इमामगंज SDPO कमलेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि अफीम की तस्करी की जा रही है। इसके बाद इमामगंज अनुमंडल क्षेत्र के कोठी थाना अंतर्गत नकटी पुल के पास पुलिस की विशेष टीम ने कार्रवाई की। कमलेश कुमार ने कहा,
“बड़े पैमाने पर इस बार अफीम बरामद की गई है। पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों से मामले की जांच हो रही है। पिछले सप्ताह भी 3 किलो से अधिक अफीम बरामद की गई थी। मादक पदार्थ तस्करी में शामिल गिरोह का पूरी तरह भंडाफोड़ किया जाएगा।”
गिरफ्तार तस्करों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार तस्करों की पहचान इस प्रकार की है:
- सुरेंद्र चंद्र – राजस्थान, भीलवाड़ा
- मगराज – राजस्थान, बाड़मेर
- संतोष यादव – झारखंड
प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत मिला है कि यह मादक पदार्थ अफीम का नेटवर्क अंतरराज्यीय है और खेप बिहार से अन्य राज्यों में भेजी जा रही थी।
गया में अफीम की लंबे समय से खेती
गया जिले के नक्सल प्रभावित और बिहार-झारखंड बॉर्डर क्षेत्र में पिछले तीन दशकों से बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होती रही है। इस बार भी अफीम की खेती हुई थी, हालांकि सुरक्षा बलों की सक्रियता के कारण इसमें कुछ कमी देखी गई।
अफीम का बिहार से देश और विदेश तक कनेक्शन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गया की अफीम खेती का नेटवर्क राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड तक फैला हुआ है। वहीं कश्मीर होते हुए यह मादक पदार्थ पाकिस्तान तक पहुंचता है।
पुलिस जांच जारी
इमामगंज पुलिस अब इस मामले के अंतरराज्यीय तस्करी रूट, सप्लाई चैन और गिरोह की व्यापकता पर जांच आगे बढ़ा रही है।


