बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर खुद मुख्यमंत्री ने अपने राज्यसभा जाने की इच्छा जताई, लेकिन उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इस फैसले को सहज रूप से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
CM आवास पर भारी भीड़, महिला समर्थकों में चिंता
सुबह से ही मुख्यमंत्री आवास के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता भी पहुंचे। जदयू प्रदेश महासचिव प्रतिभा सिंह ने रोते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री को हटाया गया तो हम लोग आत्मदाह कर लेंगे।
प्रतिभा सिंह ने कहा, “नीतीश कुमार को बिहार की जनता ने 5 साल के लिए चुना है। मुख्यमंत्री को कुर्सी छोड़ने की कोई जरूरत नहीं है। हमारे घर से बाहर निकलने और निर्भिकता से काम करने की शक्ति केवल उनके आशीर्वाद से है। जनता ने उनके चेहरे को चुना है।”
उन्होंने आगे चेतावनी दी, “नीतीश कुमार पर राज्यसभा जाने का दबाव बनाया जा रहा है। यदि उन्होंने राज्यसभा का नॉमिनेशन किया, तो हम आत्मदाह कर लेंगे। हम चाहते हैं कि वे 2030 तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहें।”
जदयू एमएलसी संजय गांधी पर हमले की कोशिश
मुख्यमंत्री आवास पहुंचते ही जदयू कार्यकर्ताओं ने एमएलसी संजय गांधी के खिलाफ भी नारेबाजी की। उनकी गाड़ी को सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह बाहर निकाला, जबकि कार्यकर्ताओं ने गाड़ी पर हमला भी किया।
सुरक्षा बढ़ाई गई, प्रशासन सतर्क
राज्यसभा के नॉमिनेशन को देखते हुए सीएम आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बिहार के डीजीपी, पटना के डीएम और अन्य अधिकारी लगातार सीएम आवास के बाहर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
साजिश की आशंका और नारेबाजी
जदयू के बड़े नेता जैसे ललन सिंह और विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री जो फैसला लेंगे, वही होगा। बावजूद इसके कार्यकर्ताओं को विश्वास नहीं हो रहा और उन्हें लग रहा है कि मुख्यमंत्री के साथ साजिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर कार्यकर्ता “नीतीश कुमार जिंदाबाद” के नारे लगा रहे हैं। जदयू नेता संतोष कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री को राज्यसभा नहीं जाना चाहिए, जबकि कार्यकर्ता मनोज कुशवाहा ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के साथ साजिश की जा रही है, जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


