
तेहरान — युद्ध के बीच ईरान को नया सुप्रीम लीडर मिल गया है। देश की असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स ने अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुना है। यह निर्णय इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के दबाव के बीच लिया गया, रिपोर्ट्स के अनुसार असेंबली के 88 सदस्यीय क्लेरिकल बोडी ने वोटिंग में मोजतबा को समर्थन दिया।
इससे पहले 28 फरवरी 2026 को संयुक्त अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद देश में नेतृत्व का पद खाली हो गया। यही घटना मध्य-पूर्व में तनाव को और बढ़ा रही है।
असेंबली के अंदर चल रहे मतदान के दौरान मोजतबा खामेनेई को 56 वर्ष की आयु में ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया। हालांकि कई विदेशी और स्थानीय रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि यह फैसला IRGC के प्रभाव और दबाव के कारण सामने आया, न कि पूरी तरह से पारंपरिक धार्मिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत।
इस राजनीतिक बदलाव के बीच मध्य-पूर्व में युद्ध की स्थिति और बढ़ी हुई अस्थिरता देखी जा रही है और दुनिया भर की मीडिया इस फैसले को इतिहास में अनोखा और विवादास्पद बदलाव बता रही है।


