
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- बड़ी कार्रवाई: पीएम किसान योजना के लाभार्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के दो और सदस्य गिरफ्तार।
- ठगी का तरीका: ‘रुका हुआ पैसा’ दिलाने और KYC के नाम पर नया खाता खोलकर करते थे निकासी।
- पहचान: हबीबपुर का राजकुमार दास और सजौर का दीपक शर्मा पुलिस की गिरफ्त में।
- बरामदगी: लैपटॉप, मोबाइल, 6 एटीएम कार्ड और कई बैंकों के पासबुक-चेकबुक जब्त।
भागलपुर | 04 मार्च, 2026: साइबर अपराधियों ने अब गरीब किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका डालना शुरू कर दिया है। भागलपुर साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पीएम किसान सम्मान निधि योजना का पैसा दिलाने के नाम पर किसानों को अपना शिकार बना रहा था। इस मामले में पुलिस ने दो और शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो भोले-भाले किसानों के खाते में सेंधमारी कर रहे थे।
KYC का झांसा और ‘सफाई’ से ठगी
इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिराना था। 27 फरवरी 2026 को ईसीपुर बाराहाट के चंदन कुमार साह ने पुलिस को इस गिरोह की जानकारी दी थी।
- शिकार: ऐसे किसान जिनका पैसा बैंक खाते की KYC (Know Your Customer) अपडेट न होने के कारण रुका हुआ था।
- खेल: गिरोह के सदस्य किसानों को झांसा देते थे कि वे उनका KYC कर देंगे। इस बहाने वे नया बैंक खाता खुलवाते या जानकारी हासिल करते और फिर जैसे ही योजना की राशि आती, उसे अवैध रूप से निकाल लेते थे।
छापेमारी और गिरफ्तारी: तकनीकी टीम ने बिछाया जाल
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। पूर्व में पकड़े गए दो अपराधियों से मिली जानकारी और तकनीकी अनुसंधान (Technical Research) के आधार पर पुलिस ने 2 मार्च को दो और ठगों को दबोच लिया:
- राजकुमार दास: (पिता- छोटेलाल दास), साकिन- दाउदवाट, थाना- हबीबपुर।
- दीपक शर्मा: (पिता- विजय शर्मा), साकिन- राधा नगर, थाना- सजौर।
साइबर अपराधियों का ‘हथियार’ बरामद
गिरफ्तारी के साथ ही इनके ठिकानों से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाली भारी सामग्री बरामद हुई है:
- गैजेट्स: 01 लैपटॉप और 02 मोबाइल फोन।
- बैंकिंग टूल्स: 06 एटीएम कार्ड, 04 बैंक पासबुक और 03 चेकबुक। पुलिस इन खातों की जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि अब तक कितने किसानों के साथ इन्होंने ठगी की है।
VOB का नजरिया: डिजिटल साक्षरता ही बचाव है
सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसान अक्सर दूसरों पर निर्भर रहते हैं, जिसका फायदा ये साइबर ठग उठाते हैं। पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंकिंग जानकारी या OTP न दें। भागलपुर साइबर पुलिस की यह मुस्तैदी सराहनीय है, लेकिन किसानों को स्वयं जागरूक होना होगा।
इन जांबाजों ने किया गिरोह का सफाया
छापेमारी टीम में पु०अ०नि० शिव कुमार सुमन, प्रशांत कुमार, रितु कुमारी, सन्नी कुमार, सुनील कुमार मंडल और नीलू सिंह शामिल थे। वहीं तकनीकी सहायता पु०नि० राकेश कुमार और उनकी टीम ने प्रदान की।


