Iran-Israel War: ओमान की खाड़ी में ‘मिसाइल अटैक’, बिहार का लाल लापता! बेतिया के कैप्टन आशीष के लिए बिलख रहा परिवार

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • बड़ी अनहोनी: ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर ‘Skylight’ पर मिसाइल हमला, बेतिया के कैप्टन आशीष कुमार लापता।
  • तारीख: 1 मार्च को ओमान के खासब तट के पास लंगर डाले जहाज को बनाया गया निशाना।
  • रेस्क्यू: क्रू के अधिकांश सदस्य सुरक्षित, लेकिन कैप्टन समेत 3 का अब तक कोई सुराग नहीं।
  • गुहार: पीड़ित परिवार ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बेटे की तलाश के लिए लगाई मदद की अपील।

बेतिया (पश्चिम चंपारण) | 03 मार्च, 2026: मध्य-पूर्व (Middle East) में ईरान और इज़राइल के बीच छिड़ी विनाशकारी जंग की तपिश अब बिहार के आंगन तक पहुँच गई है। ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर हुए संदिग्ध मिसाइल हमले के बाद पश्चिम चंपारण (बेतिया) के लाल और जहाज के कैप्टन आशीष कुमार लापता हो गए हैं। इस खबर ने बेतिया स्थित उनके पैतृक आवास पर खुशियों की जगह मातम और सन्नाटा पसार दिया है।

‘Skylight’ पर हुआ हमला: लंगर डाले जहाज पर दागी गई मिसाइल

​जानकारी के अनुसार, घटना 1 मार्च की है जब ‘Skylight’ नामक तेल टैंकर ओमान के खासब तट के पास एंकर (लंगर) पर खड़ा था।

  • अचानक हमला: शांत समुद्र में अचानक एक मिसाइल ने जहाज को निशाना बनाया, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई।
  • लापता: राहत एवं बचाव दल ने जहाज के अधिकांश क्रू मेंबर्स को तो बचा लिया, लेकिन जहाज की कमान संभाल रहे कैप्टन आशीष कुमार और उनके दो अन्य साथी अब भी लापता हैं। आशंका जताई जा रही है कि हमले के वक्त वे जहाज के उसी हिस्से में थे जहां सीधा प्रहार हुआ।

बेतिया में कोहराम: “सरकार मेरे बेटे को ढूंढ लाए”

​कैप्टन आशीष के लापता होने की खबर मिलते ही बेतिया में उनके घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है।

  1. परिजनों का हाल: बूढ़ी मां की निगाहें टकटकी लगाए दरवाजे को देख रही हैं, वहीं पिता हर घंटी पर इस उम्मीद में फोन उठा रहे हैं कि शायद उधर से बेटे की सलामती की खबर आ जाए।
  2. भारतीय दूतावास से संपर्क: परिवार ने ओमान स्थित भारतीय दूतावास और शिपिंग कंपनी से कई बार बात की है, लेकिन अब तक केवल ‘तलाश जारी है’ का ही आश्वासन मिला है।

विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

​पीड़ित परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हाथ जोड़कर अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाकर खोज अभियान में तेजी लाई जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी परिवार से मुलाकात की है और दिल्ली में उच्च अधिकारियों से बात करने का भरोसा दिया है।

VOB का नजरिया: युद्ध की कीमत चुकाता आम नागरिक

​ईरान-इज़राइल की यह जंग अब केवल दो देशों की नहीं रही, इसमें बेतिया जैसे छोटे शहरों के उन सपनों की बलि चढ़ रही है जो रोजी-रोटी के लिए सात समंदर पार गए हैं। कैप्टन आशीष कुमार जैसे जांबाज अधिकारियों की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ ईश्वर से कैप्टन आशीष की सकुशल वापसी की कामना करता है।

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