खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- क्रूरता: मेरठ में रेलवे कर्मचारी ने पत्नी को 8 दिनों तक बंधक बनाकर गर्म चिमटों से दागा।
- डिजिटल अपराध: मायके जाने पर पति ने पत्नी की अश्लील तस्वीरें और मोबाइल नंबर ‘रेट’ लिखकर किया वायरल।
- दहशत: सोशल मीडिया पर नंबर सार्वजनिक होने के बाद पीड़िता के पास आ रहे सैकड़ों अश्लील कॉल।
- एक्शन: मेरठ एसएसपी ने दिए जांच के आदेश, सीओ दौराला को सौंपी गई कमान।
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। एक तरफ हम डिजिटल इंडिया की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर एक ‘शिक्षित’ रेलवे कर्मचारी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अपनी ही पत्नी की गरिमा को तार-तार करने के लिए किया। पति ने न केवल पत्नी को शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया, बल्कि उसकी ‘ऑनलाइन बोली’ लगाकर उसे समाज में बदनाम करने की घिनौनी साजिश रची।
8 दिनों तक बंधक और गर्म चिमटों से वार
पीड़िता की शादी तीन साल पहले मेरठ के लालकुर्ती क्षेत्र के एक रेलवे कर्मी से हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।
- बंधक बनाया: पति ने करीब एक साल पहले उसे कमरे में 8 दिनों तक कैद रखा।
- दी यातनाएं: इस दौरान उसे खाने-पीने से वंचित रखा गया और गर्म चिमटों से उसके शरीर को जगह-जगह दागा गया। किसी तरह समझौता हुआ, लेकिन प्रताड़ना कम नहीं हुई, जिसके बाद वह अपने मायके कंकरखेड़ा लौट आई।
जब इंटरनेट पर लगा दी पत्नी की ‘कीमत’
मायके आने के बाद पति की हैवानियत ने सारी सीमाएं लांघ दीं। उसने बदला लेने के लिए पत्नी की अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कर दीं।
- शर्मनाक कृत्य: आरोपी ने फोटो के साथ पत्नी का मोबाइल नंबर लिख दिया और उसके आगे ‘रेट’ (कीमत) लिखकर उसे सार्वजनिक कर दिया।
- अश्लील कॉल्स का अंबार: नंबर वायरल होते ही पीड़िता के पास अनजान नंबरों से गंदे कॉल और मैसेज आने लगे। पीड़िता और उसका परिवार इस ‘डिजिटल अटैक’ से गहरे सदमे में है।
एसएसपी का सख्त रुख: “दोषी बख्शे नहीं जाएंगे”
सोमवार (02 मार्च) को पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर मेरठ एसएसपी (SSP) कार्यालय में अपनी आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- जांच के आदेश: सीओ दौराला को मामले की विस्तृत जांच सौंपी गई है।
- आईटी एक्ट: पुलिस अब आईटी एक्ट (IT Act) और घरेलू हिंसा की संबंधित धाराओं के तहत पति, सास और ननद के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है।
VOB का नजरिया: डिजिटल युग का ‘अंधेरा’ चेहरा
यह घटना दिखाती है कि कैसे कुछ लोग तकनीक का इस्तेमाल हथियार के रूप में कर रहे हैं। एक रेलवे कर्मचारी, जिससे समाज की सेवा और अनुशासन की उम्मीद की जाती है, उसका ऐसा कृत्य पूरे विभाग को शर्मसार करता है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि ऐसे अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि इंटरनेट को महिलाओं के खिलाफ हथियार बनाने वालों के मन में खौफ पैदा हो।


