पूर्व विधायक गोपाल मंडल की बढ़ी मुश्किलें! हाथ में पिस्तौल लिए घूमते वीडियो वायरल, बरारी थाने में FIR दर्ज

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • एक्शन: सोशल मीडिया पर पिस्तौल लहराते वीडियो वायरल होने के बाद भागलपुर पुलिस सख्त।
  • FIR: पूर्व विधायक गोपाल मंडल के खिलाफ बरारी थाने में सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज।
  • जांच: आग्नेयास्त्र (Pistol) की जब्ती और लाइसेंस रद्द करने के लिए शस्त्र दंडाधिकारी को भेजा गया पत्र।
  • संदेश: भागलपुर एसएसपी का कड़ा निर्देश— “कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह रसूखदार ही क्यों न हो।”

भागलपुर: अपनी बेबाक बयानबाजी और अक्सर विवादों में रहने वाले जदयू के पूर्व विधायक गोपाल मंडल एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। होलिका दहन के पावन अवसर पर भक्ति और सौहार्द की जगह ‘हथियार’ के प्रदर्शन ने उन्हें पुलिस की रडार पर ला खड़ा किया है। भागलपुर पुलिस ने उनके खिलाफ आधिकारिक तौर पर मोर्चा खोलते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

सोशल मीडिया पर ‘पिस्तौल’ वाला वीडियो हुआ वायरल

​मामला तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा।

  • दृश्य: वीडियो में पूर्व विधायक गोपाल मंडल एक सार्वजनिक स्थल पर होलिका दहन के दौरान अपने हाथ में पिस्तौल लेकर खुलेआम घूमते दिखाई दे रहे हैं।
  • पुलिस की नजर: वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर सोशल मीडिया सेल ने इस वीडियो का संज्ञान लिया। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे “Public Display of Arms” (सार्वजनिक रूप से शस्त्र प्रदर्शन) के विधिक प्रावधानों का खुला उल्लंघन माना।

बरारी थाने में केस दर्ज, लाइसेंस पर भी लटकी तलवार

​भागलपुर पुलिस ने इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाते हुए तत्काल विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है:

  1. प्राथमिकी: बरारी थाना में पूर्व विधायक के विरुद्ध विधिवत एफआईआर दर्ज की गई है।
  2. लाइसेंस की जांच: पुलिस ने केवल केस दर्ज नहीं किया है, बल्कि जिला शस्त्र दंडाधिकारी को औपचारिक प्रतिवेदन भेजकर हथियार की जप्ती और लाइसेंस की वैधता की जांच करने की सिफारिश की है। लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है।

“कानून से ऊपर कोई नहीं”: पुलिस की दो-टूक

​भागलपुर पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी व्यक्ति का राजनीतिक रसूख उसे कानून तोड़ने की इजाजत नहीं देता।

​”मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है।” — भागलपुर पुलिस

 

आम लोगों से अपील

​पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से भी आग्रह किया है कि वे त्योहारों के दौरान हथियारों का प्रदर्शन न करें। यह न केवल सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है, बल्कि आर्म्स एक्ट के नियमों का भी उल्लंघन है।

VOB का नजरिया: दबंगई या लापरवाही?

​गोपाल मंडल पहले भी अपने कारनामों से चर्चा में रहे हैं, लेकिन इस बार मामला ‘हथियार’ के सार्वजनिक प्रदर्शन का है। त्योहार के सार्वजनिक मंच पर हथियार लेकर चलना न केवल डरावना है, बल्कि यह प्रशासन के इकबाल को भी चुनौती देता है। भागलपुर पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई समाज में एक कड़ा संदेश देगी कि कानून की नजर में एक पूर्व विधायक और आम नागरिक बराबर हैं।

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