खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- शर्मसार: मुशहरी में छुट्टियों पर आई नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की जघन्य वारदात।
- साजिश: शौच के लिए गई किशोरी को अगवा कर बूढ़ी गंडक नदी किनारे ले गए आरोपी।
- गिरफ्तारी: ग्रामीणों ने घेराबंदी कर तीनों दरिंदों को दबोचा; पुलिस ने भेजा जेल।
- कड़ा एक्शन: पुलिस ने जोड़ी पॉक्सो एक्ट की धाराएं; स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा दिलाने की तैयारी।
मुजफ्फरपुर | 03 मार्च, 2026: उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक खबर सामने आई है। यहाँ मुशहरी थाना क्षेत्र में अपनी बुआ के घर छुट्टियां बिताने आई एक मासूम बच्ची की अस्मत के साथ तीन दरिंदों ने खिलवाड़ किया। वारदात उस समय हुई जब बच्ची घर से बाहर निकली थी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
बुआ के घर आई थी खुशियां मनाने, मिली ‘हैवानियत’
जानकारी के अनुसार, रविवार की रात जब पूरा गांव सोने की तैयारी कर रहा था, तब नाबालिग किशोरी घर से बाहर शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान घात लगाकर बैठे गांव के ही तीन युवकों ने उसे जबरन अगवा कर लिया। शोर दबाने के लिए आरोपियों ने उसे डराया-धमकाया और बूढ़ी गंडक नदी के किनारे एक गेहूं के खेत में ले गए, जहाँ उसके साथ हैवानियत की गई।
खेत में पहरा दे रहा था एक, दो ने की दरिंदगी
पीड़िता के बयान ने इस वारदात की क्रूरता को बयां किया है।
- हैवानियत: जीतन कुमार और संजीव कुमार ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया।
- सहयोग: तीसरा आरोपी मनीष कुमार बाहर खड़ा होकर पहरा दे रहा था ताकि कोई वहां पहुँच न सके। काफी देर तक जब किशोरी घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने टॉर्च लेकर तलाश शुरू की, जिसके बाद यह खौफनाक सच सामने आया।
ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पकड़ा, पुलिस का सख्त रुख
परिजनों और ग्रामीणों की मुस्तैदी के कारण तीनों आरोपी खेत के पास ही पकड़े गए। शुरुआत में आरोपियों के परिजनों ने दबंगई दिखाते हुए केस न करने की धमकी दी, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने तीनों को बांधकर मुशहरी थाने पहुँचा दिया।
”पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हमने FIR में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धाराएं जोड़ी हैं और जल्द चार्जशीट दाखिल कर स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करेंगे।” — मनोज कुमार सिंह, डीएसपी सकरा-2
स्पीडी ट्रायल: दोषियों को ‘न्यूनतम समय’ में मिलेगी सजा
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस जघन्य अपराध के लिए कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण सदर अस्पताल में कराया गया है और उसका बयान दर्ज हो चुका है। डीएसपी ने पुलिस टीम को निर्देश दिया है कि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाएं ताकि अदालत में केस इतना मजबूत हो कि दोषियों को फांसी या उम्रकैद जैसी सख्त सजा जल्द से जल्द मिल सके।
VOB का नजरिया: दरिंदगी पर कब लगेगा लगाम?
मुजफ्फरपुर की यह घटना समाज के लिए एक घाव की तरह है। जब छुट्टियां बिताने आई बच्ची अपने रिश्तेदारों के घर भी सुरक्षित नहीं है, तो हमें अपनी सामाजिक व्यवस्था पर सोचना होगा। पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी और ‘स्पीडी ट्रायल’ का वादा स्वागत योग्य है, क्योंकि न्याय में देरी भी एक तरह का अन्याय है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि इन दरिंदों को ऐसी सजा मिले जो नजीर बन जाए।


