बेगूसराय | 02 मार्च, 2026
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- बड़ी गिरफ्तारी: मुफ्फसिल पुलिस ने फर्जी महिला सब-इंस्पेक्टर को दबोचा।
- पहचान: कजोमा कुमारी बनी थी ‘निशु कुमारी’, वर्दी पहनकर जमाती थी धाक।
- ठगी: रिटायर्ड BSF जवान से लेकर आम लोगों तक को बनाया अपना शिकार।
- खुलासा: किराया मांगने पर मकान मालिक ने खोली पोल, असली पुलिस भी रह गई दंग।
बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में खाकी को शर्मसार करने वाला एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला ‘फर्जी दारोगा’ बनकर पिछले लंबे समय से इलाके में खौफ और ठगी का साम्राज्य चला रही थी। वर्दी का रौब, कंधे पर सितारे और नेमप्लेट पर ‘निशु कुमारी’ लिखकर यह महिला न केवल लोगों से वसूली करती थी, बल्कि विरोध करने वालों को जेल भेजने की धमकी और भद्दी गालियां भी देती थी। हालांकि, अब इस ‘नकली दारोगा’ का असली ठिकाना सलाखें बन गई हैं।
वर्दी पहनकर ‘वसूली वाली मैडम’: दबंगई से परेशान थे लोग
गिरफ्तार महिला की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के संत नगर निवासी कजोमा कुमारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मटिहानी की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार, कजोमा ने बाकायदा पुलिस की वर्दी और अपने नाम की नेमप्लेट बनवा रखी थी। वह इलाके में घूम-घूम कर लोगों पर धौंस जमाती थी। जो उसे पैसे देने से इनकार करता, उसे वह केस में फंसाने की धमकी देती थी। इलाके के लोग उसे असली पुलिस ऑफिसर समझकर डरते थे।
रिटायर्ड फौजी को भी नहीं छोड़ा: ‘भाई के एक्सीडेंट’ का बनाया बहाना
इस फर्जी दारोगा की ठगी का शिकार हुए बीएसएफ के रिटायर्ड जवान नंदकिशोर चौधरी ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि महिला ने खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर उनसे अलग-अलग किस्तों में 10,500 रुपये ऐंठ लिए। हद तो तब हो गई जब एक रात उसने फोन कर रोते हुए कहा कि उसके भाई का एक्सीडेंट हो गया है और उसे और पैसों की जरूरत है। शक होने पर जब उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो महिला का असली चेहरा धीरे-धीरे सामने आने लगा।
मकान मालिक ने किया ‘ऑपरेशन एक्सपोज’
कजोमा कुमारी कैलाश साह के मकान में किराए पर रहती थी। उसने मकान मालिक को झूठ बोला था कि उसका पति आर्मी में है और वह खुद जिला कोर्ट में तैनात है।
- किराए का विवाद: पिछले 3-4 महीनों से उसने किराया नहीं दिया था।
- सोमवार का हंगामा: सोमवार की सुबह जब बड़ी संख्या में लोग उसके घर पहुँचे और अपने पैसे मांगने लगे, तो मामला बिगड़ गया।
- खुलासा: लोगों ने जब उससे पुलिस आईडी कार्ड दिखाने को कहा, तो वह बगले झांकने लगी। इसी बीच किसी ने मुफ्फसिल थाने को सूचना दे दी और असली पुलिस ने आकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
पुलिस की कार्रवाई और स्वीकारोक्ति
मुफ्फसिल थाना पुलिस ने जब छापेमारी की, तो मौके से पुलिस की वर्दी, नेमप्लेट और अन्य सामान बरामद हुए। असली पुलिस को सामने देख ‘निशु कुमारी’ (कजोमा) की सारी हेकड़ी निकल गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि उसने अब तक कुल कितनी राशि की ठगी की है और क्या इस गिरोह में कोई और भी शामिल है।
VOB का नजरिया: सावधानी ही बचाव है
बेगूसराय की यह घटना बताती है कि ठग अब नए-नए रूप धरकर समाज के बीच घूम रहे हैं। खाकी वर्दी पर भरोसा करना स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी संदिग्ध अधिकारी से उसकी पहचान या आईडी कार्ड मांगने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ नागरिकों से अपील करता है कि ऐसी किसी भी वसूली की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दें।


