अमेरिका-इज़राइल हमले में खामेनेई और अहमदीनेजाद की मौत, ईरान अब नेतृत्वविहीन

तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका और Israel के साझा हमले ने ईरान को हिलाकर रख दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei महज 30 सेकेंड में मार दिए गए। अमेरिकी मिसाइलों और इज़राइली लड़ाकू विमानों ने तेहरान स्थित उनके मुख्यालय पर 30 जबरदस्त धमाके किए।

राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की और इसे “क्रूर युग का अंत” करार दिया।


मीटिंग का समय बदलते ही बदला ऑपरेशन का प्लान

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई की गुप्त मीटिंग का समय अचानक बदलकर शनिवार सुबह कर दिया गया। इज़रायली इंटेलिजेंस को इस बदलाव की जानकारी तुरंत मिली और हमला उसी समय अंजाम दिया गया। इतना सटीक था कि इज़राइल को यह तक पता था कि खामेनेई किस कमरे में मौजूद हैं।

इस घटना ने ईरान में भे़दियों या गद्दारों की मौजूदगी को लेकर अफवाहों को हवा दे दी है।


ट्रैकिंग सिस्टम की ताकत या गुप्त जानकारी?

विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या खामेनेई अमेरिकी इंटेलिजेंस के एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम के कारण पकड़े गए, या उनके करीब कोई व्यक्ति जानकारी लीक कर रहा था।

  • ट्रंप का दावा: खामेनेई अमेरिकी तकनीक के जाल में फंस गए।
  • विशेषज्ञों का सवाल: अगर केवल तकनीक पर्याप्त थी, तो उन्हें पहले क्यों नहीं पकड़ा गया?

ईरानी सुरक्षा एजेंसियों की नींद इस बात से उड़ गई है कि कहीं उनके सिस्टम में जासूस तो नहीं घुस चुके।


अहमदीनेजाद की मौत और ईरान का संकट

इस हमले में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति Mahmoud Ahmadinejad भी मारे गए। सुप्रीम लीडर का दफ्तर तहस-नहस हो चुका है और वरिष्ठ सैन्य कमांडर भी हमले की भेंट चढ़ गए हैं।

इससे ईरान नेतृत्वविहीन और युद्ध रणनीति से खाली हो गया है। दुनिया अब यह देख रही है कि ईरान इस सदमे से उबर पाएगा या पूरी तरह बिखर जाएगा।


 

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