गोपालगंज | 02 मार्च, 2026: होली के रंगों में ‘नशे’ का भंग न पड़े, इसके लिए गोपालगंज पुलिस और उत्पाद विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे होने के कारण जिले को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है। उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार के नेतृत्व में ड्रोन कैमरों और स्वान दस्ते (डॉग स्क्वायड) की मदद से चलाए जा रहे इस अभियान ने माफियाओं की नींद उड़ा दी है। पिछले एक हफ्ते में ही विभाग ने हजारों लीटर अवैध शराब को जमीनदोज कर दिया है।
हाई-टेक चेकिंग: ड्रोन से ‘दियारा’ और स्कैनर से ‘NH’ की निगरानी
गोपालगंज का भौगोलिक ढांचा तस्करों के लिए मुफीद रहा है, लेकिन इस बार प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है:
- ड्रोन स्ट्राइक: गंडक नदी के किनारे बसे दुर्गम दियारा इलाकों में, जहाँ पहुँचना मुश्किल होता है, वहां ड्रोन कैमरों से संभावित ठिकानों की टोह ली जा रही है।
- बॉर्डर पर अभेद्य किला: यूपी-बिहार सीमा पर स्थित 7 चेकपोस्टों पर 5 टीमें लगातार 24 घंटे तैनात हैं। यूपी से आने वाले हर वाहन की हैंड स्कैनर और डॉग स्क्वायड से सघन जांच हो रही है।
- NH-27 पर रेड: हाईवे किनारे स्थित लाइन होटलों, रेस्टोरेंट्स और मैरिज हॉलों की औचक तलाशी ली जा रही है।
सफलता: 9600 लीटर शराब नष्ट, होटल संचालकों को सख्त चेतावनी
उत्पाद विभाग की मुस्तैदी का नतीजा आंकड़ों में साफ दिख रहा है:
- बड़ी रिकवरी: महज एक सप्ताह के भीतर ड्रोन और स्वान दस्ते की मदद से दियारे इलाके से 9600 लीटर अर्धनिर्मित शराब बरामद कर मौके पर ही नष्ट की गई।
- ब्रेथ एनालाइजर का खौफ: शराब पीने वालों की पहचान के लिए सड़कों पर ब्रेथ एनालाइजर मशीनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है, जिससे गिरफ्तारी की संख्या बढ़ी है।
- होटल संचालकों को हिदायत: उत्पाद अधीक्षक ने साफ कर दिया है कि अगर किसी होटल या ढाबे पर शराब परोसी गई, तो संचालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
VOB का नजरिया: तकनीक और सतर्कता का मेल
गोपालगंज जैसे संवेदनशील जिले में, जो शराब तस्करी का प्रवेश द्वार माना जाता है, वहां ड्रोन का इस्तेमाल एक मास्टरस्ट्रोक है। 9600 लीटर शराब का नष्ट होना यह दर्शाता है कि दियारा के घने जंगलों में अभी भी अवैध निर्माण जारी है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ नागरिकों से अपील करता है कि वे त्योहार की गरिमा बनाए रखें और कानून का सम्मान करें।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


