भागलपुर | 02 मार्च, 2026: भागलपुर की माटी अब केवल रेशम ही नहीं, बल्कि सिनेमा के नए सितारे भी तैयार कर रही है। शहर के जाने-माने शिशु रोग विशेषज्ञ और जीवन जागृति सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह की कलम और समाजसेवी संजीव सुमन के निर्देशन में बनने वाली वेब सीरीज ‘संजीदगी एक पहेली’ के लिए कलाकारों का चयन (ऑडिशन) सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। एस-सीरीज फिल्म्स प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनने वाली यह सीरीज अंग क्षेत्र की प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा लॉन्चपैड साबित होने वाली है।
ऑडिशन हाइलाइट्स: संजीदगी और लापरवाही के बीच की जंग
भागलपुर में आयोजित इस ऑडिशन में दर्जनों कलाकारों ने अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया:
- विषय आधारित प्रस्तुति: कलाकारों ने ‘संजीदगी’ (गंभीरता) और ‘लापरवाही’ जैसे विषयों पर आधारित चुनौतीपूर्ण दृश्यों को मंच पर जीवंत किया।
- प्रतिभा की खोज: चयन प्रक्रिया में केवल संवाद अदायगी ही नहीं, बल्कि कलाकारों के भाव और बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
- लक्ष्य: अंग प्रदेश के स्थानीय कलाकारों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना, जहाँ वे अपनी क्षेत्रीय पहचान के साथ राष्ट्रीय स्तर का काम कर सकें।
मंच के सूत्रधार और हुनरमंद कलाकार
इस अवसर पर कला जगत की कई हस्तियाँ मौजूद रहीं। ऑडिशन में अपनी कला का प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से:
- स्थानीय सितारे: नित्यानंद नितुल, माना शुक्ला, विश्वा सिंह, राज सिंह, मनीष यादव, प्रेम सिंह, मनोहर राजा और डॉ. मनीष राज।
- विशेष प्रतिभाएं: रिया कुमारी, रानी चौधरी, रवि शंकर, उदय कुमार, बिहारी प्रसाद और डॉ. आलोक भास्कर।
- सहयोगी टीम: शुबराज सिंह, कत्थक कोच निवास मोदी और आलोक चौधरी ने चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निर्माता-निर्देशक की बात: “मनोरंजन के साथ सामाजिक बदलाव”
”अंग प्रदेश की धरती हुनर से भरी है। हमारा प्रयास एक संजीदा सामाजिक संदेश के साथ-साथ यहाँ के कलाकारों को वह सम्मान और मंच दिलाना है, जिसके वे हकदार हैं।”
— डॉ. अजय सिंह, निर्माता
”कलाकारों का उत्साह देखकर यह स्पष्ट है कि ‘संजीदगी एक पहेली’ कलात्मक रूप से बहुत समृद्ध होगी। हम अप्रैल 2026 तक इसकी शूटिंग पूरी करने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।”
— संजीव सुमन, निर्देशक
VOB का नजरिया: सिनेमा के जरिए ‘सड़क सुरक्षा’ का संदेश
भागलपुर में बन रही यह वेब सीरीज केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति समाज को जागरूक करना है। डॉ. अजय सिंह की जीवन जागृति सोसाइटी पहले से ही हेलमेट और सड़क सुरक्षा के लिए जानी जाती है, अब सिनेमा के माध्यम से इस संदेश को घर-घर पहुँचाने की यह पहल वाकई सराहनीय है। स्थानीय कलाकारों का चयन फिल्म में ‘मिट्टी की खुशबू’ और वास्तविकता को और मजबूती देगा।


