
भागलपुर | 02 मार्च, 2026: रेशम नगरी भागलपुर में रंगों के त्योहार होली को लेकर प्रशासन पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में है। सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और हुड़दंगियों पर नकेल कसने के लिए जिले को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आज से लेकर 4 मार्च तक विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
1. सुरक्षा का ‘चक्रव्यूह’: मजिस्ट्रेट और पुलिस की भारी तैनाती
जिला प्रशासन ने होली के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है:
- दंडाधिकारी: जिले भर में 200 से अधिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
- पुलिस बल: सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह के अनुसार, 1500 से 2000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
- विशेष निगरानी: डीएम ने रात्रि कार्यक्रमों, सार्वजनिक होली मिलन समारोहों और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों में ‘ड्रोन’ और सीसीटीवी से निगरानी के आदेश दिए हैं।
2. ग्रहण का साया: होलिका दहन और होली की नई तारीखें
इस बार खगोलीय घटना (चंद्र ग्रहण) के कारण त्योहार की तिथियों में थोड़ा बदलाव है:
- होलिका दहन: 3 मार्च को चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद विधि-विधान से होलिका दहन किया जाएगा।
- धुलैंडी (रंग): मुख्य रंगोत्सव 4 मार्च को पूरे जिले में धूमधाम से मनाया जाएगा।
- नगर निगम की तैयारी: नगर आयुक्त ने निर्देश दिया है कि होलिका दहन के तुरंत बाद अगली सुबह विशेष सफाई अभियान चलाकर राख और कचरा हटाया जाए।
3. पुलिस की कार्रवाई: जब्त हुए 6 डीजे, हुड़दंगियों को चेतावनी
शांति व्यवस्था भंग न हो, इसके लिए ललमटिया पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 डीजे साउंड सिस्टम को जब्त कर लिया है। थानाध्यक्ष दीपक पासवान ने स्पष्ट किया है कि तेज आवाज में डीजे बजाने और अश्लील गाने बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
4. खुशियों की फुहार: जगह-जगह हुए होली मिलन समारोह
जिले में रविवार को भाईचारे और उल्लास की तस्वीरें भी देखने को मिलीं:
- BJP: बरारी रोड पर भव्य समारोह में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर लगाया।
- आर्ट ऑफ लिविंग: तिलकामांझी केंद्र पर स्मृति मिश्र के नेतृत्व में ‘खुशियों की फुहार’ कार्यक्रम हुआ।
- सैंडिस कंपाउंड: विकास समिति के सचिव रवि कुमार ने ग्रीन पार्क में सदस्यों के साथ पारंपरिक होली मनाई।
- नाथनगर: नरगाकोठी में पूजा समिति अध्यक्ष पप्पू यादव और देवाशीष बनर्जी ने सौहार्दपूर्ण होली मिलन का आयोजन किया।
5. कड़वा सच: शिक्षकों की होली रही ‘फीकी’
त्योहार की खुशियों के बीच जिले के सरकारी शिक्षकों में भारी निराशा देखी जा रही है। फंड जारी होने के बावजूद रविवार तक कई शिक्षकों के बैंक खातों में वेतन (Salary) नहीं पहुँचा। बिना पैसों के त्योहार मनाने की मजबूरी ने शिक्षा जगत में रोष पैदा कर दिया है।
VOB का नजरिया: सतर्कता ही सुरक्षा है
भागलपुर का इतिहास संवेदनशील रहा है, ऐसे में प्रशासन की यह ‘अति-सतर्कता’ स्वागत योग्य है। व्यक्तिगत दुश्मनी या जातिगत भेदभाव को त्योहार के रंग में जहर नहीं घोलने देना चाहिए। साथ ही, शिक्षकों के वेतन का मामला सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। होली का मतलब ‘हुरदंग’ नहीं, बल्कि ‘हृदय’ का मिलन होना चाहिए।


