कैमूर में ‘ब्लैक संडे’: दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पर बस और ट्रक की भीषण भिड़ंत; मासूम समेत 3 की मौत, दर्जनों घायल

कैमूर/कुदरा | 01 मार्च, 2026: बिहार के कैमूर जिले में आज तड़के सुबह मौत का तांडव देखने को मिला। दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे (NH-19) पर कुदरा थाना क्षेत्र के नसेज के पास एक यात्री बस और ट्राली ट्रक के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार टक्कर में एक मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दो दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिससे हाईवे पर चीख-पुकार मच गई।

तड़के 3 बजे का ‘काल’: नींद में थे मुसाफिर, तभी हुआ धमाका

​जानकारी के अनुसार, यह भीषण हादसा रविवार तड़के करीब 3:00 बजे हुआ। उस वक्त बस में सवार ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे।

  • रूट: बस जमशेदपुर (झारखंड) से वाराणसी (उत्तर प्रदेश) की ओर जा रही थी।
  • टक्कर: विपरीत दिशा से मोहनिया से सासाराम की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्राली ट्रक ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
  • मृतक: हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोग उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक छोटा बच्चा भी शामिल है।

रेस्क्यू ऑपरेशन: अंधेरे में मसीहा बनी पुलिस और NHAI की टीम

​हादसे की सूचना मिलते ही कुदरा थाना पुलिस, डायल 112 की टीम और NHAI की पेट्रोलियम टीम तुरंत मौके पर पहुँची। स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया।

  • त्वरित सहायता: डायल 112 की टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत सदर अस्पताल पहुँचाया।
  • पोस्टमार्टम: पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया है।
  • यातायात: दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे से हटाकर यातायात सुचारू कराया गया।

डायल 112 पुलिस की ‘बाइट’: “अंधेरे और रफ्तार का कॉम्बिनेशन बना जानलेवा”

​मौके पर मौजूद डायल 112 के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रात के समय हाईवे पर विजिबिलिटी और वाहनों की अत्यधिक रफ्तार अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। शुरुआती जांच में ट्रक चालक की लापरवाही सामने आ रही है, जिसकी तलाश की जा रही है।

VOB का नजरिया: NH-19 पर कब थमेगा खूनी खेल?

​NH-19 (पुराना NH-2) देश की लाइफलाइन है, लेकिन कैमूर और रोहतास का यह हिस्सा ‘सफेद हाथी’ साबित हो रहा है। रात के समय भारी वाहनों की अनियंत्रित ड्राइविंग और थकान के बावजूद स्टीयरिंग न छोड़ना निर्दोष यात्रियों की जान ले रहा है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि हाईवे पर रात के समय गश्त बढ़ाई जाए और नींद की झपकी से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ड्राइवरों के लिए अनिवार्य ‘रेस्ट स्टॉप्स’ पर विचार किया जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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