
मुंगेर | 01 मार्च, 2026: मुंगेर जिले के कासिम बाजार थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक ऐसी वारदात की खबर आई जिसने पूरे शहर में खलबली मचा दी। संदलपुर बॉयज स्कूल के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने कथित तौर पर एक महिला की गोद से उसके 8 महीने के बच्चे को छीन लिया। हालांकि, स्थानीय लोगों के शोर मचाने और पीछा करने पर बदमाश बच्चे को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए। लेकिन, पुलिस की शुरुआती जांच ने अब इस पूरी घटना पर रहस्य के बादल मंडरा दिए हैं।
फिल्म की तरह घटित हुई वारदात: टोटो से घर लौट रही थी माँ
घटना शनिवार दोपहर करीब 3:00 बजे की है। पूरबसराय थाना क्षेत्र के शाह कॉलोनी निवासी मो. अकबर की पत्नी नेहा, जेआरएस कॉलेज जमालपुर से पढ़ाई कर अपने 8 माह के बेटे के साथ टोटो से घर लौट रही थी।
- रास्ते का भटकाव: संदलपुर दुर्गा स्थान के पास टोटो चालक ने अचानक रास्ता बदल दिया। पूछने पर उसने बताया कि स्कूल से एक बच्चे को छोड़ने जाना है।
- दुस्साहसिक हमला: जैसे ही टोटो संदलपुर बॉयज स्कूल के पास पहुँचा, पहले से खड़े बाइक सवार दो युवकों ने झपट्टा मारकर नेहा की गोद से मासूम को छीन लिया और भागने लगे।
- साहस और रिकवरी: नेहा के चिल्लाने पर स्थानीय लोग तुरंत बदमाशों के पीछे दौड़े। भीड़ को पीछे आता देख बदमाश घबरा गए और करीब 100 मीटर आगे जाकर बच्चे को सड़क किनारे झाड़ियों में फेंककर भाग निकले। गनीमत रही कि मासूम पूरी तरह सुरक्षित है।
पुलिस जांच में बड़ा मोड़: “CCTV में नहीं मिले सबूत”
देर रात मुंगेर के पुलिस अधीक्षक (SP) सैयद इमरान मसूद और एसडीपीओ सदर ने दलबल के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, लेकिन पुलिस की अब तक की पड़ताल कुछ और ही इशारा कर रही है:
SP सैयद इमरान मसूद का बयान: “बच्चा छीनने के प्रयास की सूचना पर हमने गहन जांच शुरू की है। हालांकि, घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले गए हैं, जिनमें अब तक ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। हैरानी की बात यह है कि आसपास के लोगों ने भी ऐसी किसी वारदात की जानकारी से इनकार किया है। हम वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की जांच कर रहे हैं।”
डिप्टी मेयर पहुँचे मौके पर, पुलिस ने दी चेतावनी
घटना के बाद मुंगेर के डिप्टी मेयर खालिद हुसैन भी पीड़ित परिवार के साथ मौके पर पहुँचे और पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थानीय लोगों ने पुलिस को एक संदिग्ध बाइक के नंबर प्लेट की तस्वीर भी सौंपी है।
इधर, शहर में बढ़ती अफवाहों को देखते हुए एसपी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित सूचना को सोशल मीडिया पर वायरल न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सीधे पुलिस को दें।
VOB का नजरिया: क्या यह दहशत है या कोई गहरी साजिश?
मुंगेर की यह घटना दो सिरों के बीच फंसी है। एक तरफ एक माँ का दावा और उसकी आँखों का खौफ है, तो दूसरी तरफ पुलिस के ठोस तकनीकी साक्ष्य (CCTV) जो फिलहाल दावे का समर्थन नहीं कर रहे। क्या टोटो चालक इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य कड़ी है? या फिर यह शहर में दहशत फैलाने की कोई नाकाम कोशिश थी? ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ उम्मीद करता है कि पुलिस की SIT जल्द ही सच सामने लाएगी ताकि जनता के बीच फैला डर खत्म हो सके।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


