सुल्तानगंज में ‘वर्दी’ पर शराब का दाग: 89 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ आर्मी जवान गिरफ्तार; होली में ‘महंगे’ मुनाफे की थी तैयारी?

सुल्तानगंज/भागलपुर | 01 मार्च, 2026: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद नशे के सौदागरों के हौसले बुलंद हैं, और इस बार कानून तोड़ने वालों में सरहद का एक रखवाला ही शामिल पाया गया है। सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर शनिवार को आरपीएफ (RPF) की क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोड्डा-गोमती साप्ताहिक ट्रेन से उतरे एक आर्मी जवान को भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

खुफिया सूचना पर बिछाया गया जाल: 3 बैगों में भरी थी ‘पार्टी’

​जमालपुर आरपीएफ इंस्पेक्टर (क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच) एस.के. सुधा गुप्ता को गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रेन के जरिए शराब की एक बड़ी खेप सुल्तानगंज पहुँचने वाली है। सूचना मिलते ही टीम ने स्टेशन पर घेराबंदी की।

  • बरामदगी: तलाशी के दौरान जवान के पास मौजूद दो बड़े ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग से विभिन्न ब्रांडों की कुल 89 बोतलें अंग्रेजी शराब बरामद की गईं।
  • गिरफ्तारी: आरोपी ने अपनी पहचान आर्मी जवान के रूप में दी है। आरपीएफ ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे शराब के साथ उत्पाद विभाग (Excise Department) को सौंप दिया है।

जवान की दलील: “6 महीने से जमा कर रहा था स्टॉक”

​पूछताछ के दौरान गिरफ्तार जवान ने एक अजीबोगरीब दलील दी। उसका कहना था कि उसने पिछले 6 महीनों से अपनी कैंटीन या अन्य माध्यमों से ये बोतलें धीरे-धीरे जमा की थीं। उसका दावा है कि वह यह शराब किसी व्यापार के लिए नहीं, बल्कि होली के मौके पर अपने घर ले जा रहा था।

बाजार में चर्चा: ‘ब्लैक’ में बेचने का था मास्टर प्लान?

​हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा (89 बोतल) में शराब मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर और पुलिस गलियारों में दूसरी ही चर्चा है। आशंका जताई जा रही है कि होली के दौरान बिहार में शराब की मांग बढ़ जाती है और कीमतें आसमान छूने लगती हैं। ऐसे में ऊंचे दामों पर शराब बेचकर मोटा मुनाफा कमाने के उद्देश्य से इस खेप को लाया गया था।

VOB का नजरिया: जब रक्षक ही भक्षक बन जाए

​बिहार जैसे राज्य में जहाँ शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस दिन-रात एक कर रही है, वहाँ एक सेना के जवान का इस तरह अवैध शराब के साथ पकड़ा जाना चिंताजनक है। सेना के जवानों के प्रति समाज में गहरा सम्मान होता है, लेकिन कानून सबके लिए बराबर है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ उम्मीद करता है कि उत्पाद विभाग इस मामले की गहराई से जांच करेगा कि यह शराब कहाँ से लाई गई थी और इसका असली ‘डेस्टिनेशन’ क्या था।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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