पूर्णिया | 01 मार्च, 2026: बिहार के पूर्णिया जिले से दिल दहला देने वाली एक वारदात सामने आई है। बायसी थाना क्षेत्र के भौरापुल के पास शनिवार की शाम एक 40 वर्षीया महिला की अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। महिला का शव गांव के ही एक मक्का के खेत से बरामद हुआ है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और मृतका के परिवार में कोहराम मच गया है।
खेत देखने गई थी पंचमी, शाम को मिली मौत की खबर
मृतका की पहचान मलहरिया पंचायत के वार्ड 13, शर्मा टोला निवासी पंचमी देवी उर्फ अनुला देवी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। वे दुखन शर्मा की पत्नी थीं।
मृतका की मां रेशमी देवी ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद पंचमी हमेशा की तरह अपने खेत की स्थिति देखने घर से निकली थी। जब शाम करीब 5:00 बजे तक वह वापस नहीं लौटी, तो परिजनों को चिंता हुई। इसी बीच सूचना मिली कि मक्का के खेत में एक महिला का शव खून से लथपथ पड़ा है। मौके पर जाकर देखा तो वह पंचमी थी।
सूना था घर: पति और बेटे बाहर करते हैं मजदूरी
इस हत्याकांड का सबसे दुखद पहलू यह है कि घटना के समय घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था।
- प्रवासी परिवार: पंचमी के पति दुखन शर्मा और उनके दोनों बेटे घर से बाहर दूसरे प्रदेश में रहकर मजदूरी करते हैं।
- विवाहित बेटियां: मृतका की दो बेटियां हैं, जिनकी शादी पहले ही हो चुकी है। घर में केवल पंचमी और उनकी वृद्ध मां ही रह रही थीं, जिसका फायदा उठाकर अपराधियों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
पुलिस की कार्रवाई: जल्द खुलासे का दावा
वारदात की सूचना मिलते ही बायसी थाना पुलिस और एसडीपीओ (SDPO) जितेंद्र पाण्डेय दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- एसडीपीओ का बयान: जितेंद्र पाण्डेय ने पुष्टि की है कि महिला की हत्या किसी बेहद तेज धार वाले हथियार से प्रहार करके की गई है।
- प्राथमिकी दर्ज: मृतका की माता के फर्द बयान के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए हैं।
- जांच के बिंदु: पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हत्या किसी पुरानी रंजिश का नतीजा है या इसके पीछे कोई और गंभीर वजह है।
VOB का नजरिया: बिहार के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
पूर्णिया की यह घटना एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। दिनदहाड़े या शाम के वक्त खेतों में काम करने गई महिलाओं पर इस तरह के जानलेवा हमले अपराधियों के बेखौफ होने का प्रमाण हैं। विशेषकर उन परिवारों के लिए खतरा ज्यादा है जहाँ पुरुष सदस्य जीविकोपार्जन के लिए बाहर रहते हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ जिला प्रशासन से मांग करता है कि ऐसे ‘सॉफ्ट टारगेट्स’ की सुरक्षा के लिए ग्रामीण गश्त बढ़ाई जाए और पंचमी देवी के हत्यारों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


