ईरान में ‘रिवेंज’ मोड: अहमद वहीदी बने IRGC के नए चीफ; खामेनेई की ‘शहादत’ पर 40 दिन का राष्ट्रीय शोक, ट्रंप बोले—’देश वापस लेने का मौका’

तेहरान/वॉशिंगटन | 01 मार्च, 2026: ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि के साथ ही देश में बड़े सत्ता परिवर्तन और सैन्य फेरबदल की शुरुआत हो गई है। अमेरिका और इजरायल के सटीक हवाई हमले में खामेनेई और आईआरजीसी (IRGC) के शीर्ष नेतृत्व के सफाए के बाद ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहीदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया है। वहीदी ने कमान संभालते ही अपने आका की मौत का बदला लेने की कसम खाई है।

कौन हैं अहमद वहीदी? ‘कुद्स फोर्स’ से ‘कमांडर-इन-चीफ’ तक का सफर

​ईरान ने ऐसे समय में अहमद वहीदी पर भरोसा जताया है जब देश का सैन्य ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। वहीदी के पास युद्ध और कूटनीति का लंबा अनुभव है:

  • पुराना अनुभव: वहीदी पहले ईरान के गृह मंत्री और बेहद शक्तिशाली ‘कुद्स फोर्स’ के कमांडर रह चुके हैं।
  • नियुक्ति का बैकग्राउंड: 31 दिसंबर 2025 को उन्हें आईआरजीसी का उप-प्रमुख बनाया गया था। अब हुसैन सलामी और अन्य वरिष्ठ कमांडरों की मौत के बाद उन्हें सर्वोच्च सैन्य कमान सौंपी गई है।
  • चुनौती: उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ईरानी सेना नेतृत्व के संकट (Transition) से जूझ रही है और देश का भविष्य अधर में लटका है।

ईरान में मातम: 40 दिन का शोक और 7 दिन की छुट्टी

​शुरुआती इनकार के बाद ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने भारी मन से खामेनेई की “शहादत” को स्वीकार कर लिया है। तेहरान स्थित उनके दफ्तर पर हुए अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हमले ने ईरानी सत्ता के केंद्र को हिला दिया है।

  1. राष्ट्रीय शोक: ईरानी सरकार ने खामेनेई के सम्मान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है।
  2. सार्वजनिक अवकाश: पूरे देश में सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है ताकि लोग अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं में शामिल हो सकें।

ट्रंप का ‘विजय’ संदेश और इजरायल की रणनीति

​अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि अब ईरान की जनता के पास अपना “देश वापस लेने का मौका” है। ट्रंप का इशारा साफ है कि अमेरिका अब ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) का समर्थक है।

​वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आधिकारिक पुष्टि से पहले ही संकेत दे दिए थे कि उनके निशाने पर लगा ‘रोरिंग लॉयन’ (Roaring Lion) ऑपरेशन सफल रहा है। इजरायल अब वहीदी की धमकियों के बाद ‘हाई अलर्ट’ पर है।

VOB का नजरिया: बारूद के ढेर पर खड़ा मध्य पूर्व

​अहमद वहीदी की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि दुनिया को यह संदेश है कि ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है। वहीदी एक ‘कट्टरपंथी’ सैन्य अधिकारी माने जाते हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य अब अपने खोए हुए नेतृत्व का बदला लेना होगा। हालांकि, खामेनेई जैसे कद्दावर नेता की मौत के बाद ईरान के भीतर गृहयुद्ध या तख्तापलट की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ की नजर इस बात पर रहेगी कि भारत इस महासंकट में अपने सामरिक हितों को कैसे सुरक्षित रखता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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