तेहरान/वॉशिंगटन | 01 मार्च, 2026: पिछले 24 घंटों से चल रहे कयासों और दावों के बीच अब आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब नहीं रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शुरुआती ऐलान के बाद, अब ईरानी सरकारी मीडिया ने भी गमगीन सुर में खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है। इसके साथ ही मध्य पूर्व (Middle East) में दशकों से चले आ रहे एक प्रभावशाली अध्याय का अंत हो गया है।
ईरानी मीडिया का आधिकारिक बयान: “हम अल्लाह की ओर से आए हैं…”
शुरुआत में इन रिपोर्टों को ‘प्रोपेगेंडा’ बताने वाले ईरानी मीडिया ने अंततः सच को स्वीकार कर लिया है। तेहरान से आ रही खबरों के अनुसार:
- पुष्टि: ईरानी समाचार एजेंसियों ने कुरान की आयत “बेशक हम अल्लाह के हैं और हमें उसी की ओर लौटना है” के साथ खामेनेई के निधन की खबर प्रसारित की है।
- हमले का असर: यह स्वीकार किया गया है कि शनिवार को हुए भीषण हवाई हमलों में सुप्रीम लीडर का कंपाउंड पूरी तरह ध्वस्त हो गया था।
- शोक का माहौल: ईरान में राजकीय शोक की घोषणा की जा रही है, हालांकि सड़कों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की भी खबरें हैं।
ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’: कैसे हुआ यह महाविनाश?
यह हमला कोई सामान्य सैन्य कार्रवाई नहीं थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ‘इंसाफ’ करार दिया है। इस ऑपरेशन की कुछ बड़ी बातें:
- संयुक्त स्ट्राइक: अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) को अंजाम दिया।
- सटीक निशाना: इंटेलिजेंस और एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से खामेनेई की सटीक लोकेशन को ट्रैक कर पिनपॉइंट बमबारी की गई।
- नेतृत्व का सफाया: दावा किया जा रहा है कि खामेनेई के साथ-साथ ईरान के कई अन्य शीर्ष सैन्य और सुरक्षा अधिकारी भी इस हमले में मारे गए हैं।
ट्रंप का ‘ट्रुथ सोशल’ पर विजय उद्घोष
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए ईरानी जनता को अपना देश वापस लेने का आह्वान किया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जो सुरक्षा बल (IRGC) अब भी लड़ना चाहते हैं, उन्हें केवल ‘मौत’ मिलेगी, जबकि आत्मसमर्पण करने वालों को ‘इम्यूनिटी’ (अभयदान) दिया जा सकता है।
इजरायल का रुख: “एक नया सवेरा”
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि खामेनेई का अंत पूरी दुनिया के लिए शांति का एक नया मौका लेकर आया है। इजरायली सेना अब भी ‘हाई अलर्ट’ पर है क्योंकि उसे ईरान के बचे-कुचे धड़ों से जवाबी कार्रवाई की आशंका है।
VOB का नजरिया: क्या बदल जाएगा दुनिया का भूगोल?
1989 से ईरान की सत्ता पर काबिज रहने वाले खामेनेई की मौत कोई छोटी घटना नहीं है। यह न केवल ईरान के भीतर सत्ता परिवर्तन (Regime Change) की शुरुआत हो सकती है, बल्कि पूरी दुनिया में तेल की कीमतों और कूटनीतिक रिश्तों को भी प्रभावित करेगी। अब सवाल यह है कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा? क्या ईरान में लोकतंत्र की वापसी होगी या सत्ता की बागडोर सेना (IRGC) के कट्टरपंथी गुटों के हाथ में चली जाएगी? ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस वैश्विक महासंकट के हर पहलू पर आपकी नजर बनाए रखेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


