पटना विश्वविद्यालय में NSUI और ABVP का ‘बराबरी’ का मुकाबला: शांतनु शेखर बने छात्र संघ के नए ‘बॉस’; निर्दलीय सिफत ने भी मारी बाजी

पटना | 01 मार्च, 2026: छात्र राजनीति के ‘नर्सरी’ कहे जाने वाले पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ (PUSU) चुनाव के नतीजों ने राजधानी का सियासी पारा चढ़ा दिया है। रात 1:00 बजे घोषित हुए परिणामों में एनएसयूआई (NSUI) और एबीवीपी (ABVP) के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। सेंट्रल पैनल के 5 प्रमुख पदों में से 2 पर एनएसयूआई, 2 पर एबीवीपी और 1 पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने कब्जा जमाया है।

अध्यक्ष पद: शांतनु शेखर की ‘प्रचंड’ जीत

​एनएसयूआई के शांतनु शेखर ने छात्र राजनीति में अपनी धाक जमाते हुए अध्यक्ष पद पर शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने छात्र जदयू के उम्मीदवार प्रिंस कुमार को 1496 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी। शांतनु को कुल 2896 वोट मिले, जबकि प्रिंस मात्र 1400 वोटों पर सिमट गए।

महासचिव: खुशी ने फहराया जीत का परचम

​महासचिव पद पर भी एनएसयूआई का दबदबा कायम रहा। खुशी ने छात्र राजद के प्रत्यूष राज को 553 वोटों से हराकर जीत हासिल की। खुशी को 2164 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी को 1611 वोटों से संतोष करना पड़ा।

एबीवीपी का जलवा: संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद पर कब्जा

​भले ही अध्यक्ष पद हाथ से निकल गया, लेकिन एबीवीपी ने दो महत्वपूर्ण पदों पर अपनी पकड़ मजबूत रखी:

  • संयुक्त सचिव: एबीवीपी के अभिषेक कुमार ने एनएसयूआई के एमडी मोनावर आजम को 392 वोटों से हराया। अभिषेक को 2143 और मोनावर को 1751 वोट मिले।
  • कोषाध्यक्ष: इस पद पर एबीवीपी के हर्षवर्धन ने छात्र जदयू के अभिषेक को 170 वोटों के करीबी अंतर से मात दी। हर्षवर्धन को 1599 और अभिषेक को 1429 वोट प्राप्त हुए।

निर्दलीय सिफत फैज ने चौंकाया: दोबारा हुई गिनती

​उपाध्यक्ष पद पर सबसे ज्यादा रोमांच देखने को मिला। निर्दलीय उम्मीदवार सिफत फैज ने छात्र जदयू के आयुष हर्ष को मात्र 65 वोटों से हराकर सबको चौंका दिया।

परिणाम घोषित होने में देरी और कड़े मुकाबले को देखते हुए सिफत ने हंगामा किया, जिसके बाद वोटों की दोबारा गिनती (Re-counting) कराई गई। हालांकि, दूसरी बार की गिनती में भी सिफत ही विजयी रहीं। उन्हें 1568 और आयुष को 1503 वोट मिले।

रात 1 बजे का जश्न और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

​कुल 6 राउंड की मतगणना के बाद कुलपति प्रो. नमिता सिंह और चुनाव पदाधिकारी शंकर प्रसाद ने विजेताओं को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। जैसे ही जीत की घोषणा हुई, विश्वविद्यालय परिसर गुलाल और नारों से गूँज उठा। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ होली जैसा जश्न मनाया। सुरक्षा के लिहाज से पूरे मतगणना केंद्र पर भारी पुलिस बल की तैनाती रही और हर राउंड के बाद पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वोटों की जानकारी सार्वजनिक की गई।

VOB का नजरिया: छात्र राजनीति में नई करवट

​पटना विश्वविद्यालय के ये नतीजे बताते हैं कि छात्र अब किसी एक विचारधारा के बंधक नहीं हैं। एनएसयूआई की अध्यक्ष पद पर बड़ी जीत और एबीवीपी की दो पदों पर मजबूती यह दर्शाती है कि कैंपस में मुकाबला बराबरी का है। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर एक निर्दलीय की जीत ‘सत्ताधारी’ छात्र संगठनों के लिए एक बड़ा सबक है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देता है और उम्मीद करता है कि वे छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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