सहरसा में भीषण सड़क हादसा: बुलेट और कार की सीधी टक्कर में दो भाइयों की दर्दनाक मौत; अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

सहरसा | 01 मार्च, 2026: रंगों के त्योहार होली की खुशियां सहरसा के एक परिवार के लिए मातम में बदल गईं। जिले के रहूआ चौक के पास शनिवार देर शाम एक तेज रफ्तार कार और बुलेट के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में दो सगे जैसे (ममेरे-फुफेरे) भाइयों की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

दर्दनाक हादसा: बुलेट के उड़े परखच्चे, मौके पर मची चीख-पुकार

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुलेट सवार दोनों युवक दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​मृतकों की पहचान बिजलपुर वार्ड नंबर 1 निवासी उमर और अलीशेख के रूप में हुई है। दोनों आपस में ममेरे और फुफेरे भाई थे और त्योहार की तैयारियों के बीच घर लौट रहे थे।

अस्पताल में हंगामा: “समय पर मिलता इलाज तो बच जाती जान”

​हादसे के बाद सदर अस्पताल का नजारा तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उनका दावा है कि अस्पताल पहुँचने के बाद यदि तुरंत समुचित इलाज और डॉक्टरों की मुस्तैदी मिलती, तो दोनों भाइयों की जान बचाई जा सकती थी।

​आक्रोश बढ़ता देख स्थानीय थाना की पुलिस मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

फरार कार की तलाश में जुटी पुलिस

​हादसे को अंजाम देने वाली कार का अब तक पता नहीं चल सका है। टक्कर मारने के बाद चालक अंधेरे का फायदा उठाकर कार समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस अब आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपी वाहन की पहचान करने में जुटी है।

VOB का नजरिया: त्योहारों पर ‘रफ्तार’ का कहर और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था

​होली जैसे बड़े त्योहारों के समय अक्सर सड़कों पर रफ्तार का जुनून और लापरवाही बढ़ जाती है, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है। सहरसा की यह घटना न केवल तेज रफ्तार के खतरों को उजागर करती है, बल्कि हमारे सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े करती है। जब परिजन इलाज में देरी का आरोप लगाते हैं, तो यह सीधे तौर पर सिस्टम की विफलता है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है और जिला प्रशासन से मांग करता है कि फरार कार चालक को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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