पटना में सनसनी: PMCH की हेड नर्स की पीट-पीटकर हत्या; होली पर ससुराल जाने से मना किया, तो पति ने ले ली जान

पटना | 01 मार्च, 2026: राजधानी पटना के दानापुर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पीएमसीएच (PMCH) में कार्यरत हेड नर्स चांदनी कुमारी की उनके ही पति सोनू कुमार सिंह ने शुक्रवार की रात बेरहमी से हत्या कर दी। यह वारदात दानापुर थाना क्षेत्र के पूर्वी गोला रोड स्थित उनके आवास पर हुई। हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या के बाद आरोपी पति ने खुद ‘डायल 112’ पर फोन कर पुलिस को वारदात की जानकारी दी।

होली की खुशियों पर भारी पड़ा ‘अहंकार’ और तकरार

​पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि झगड़े की तत्काल वजह होली का त्योहार बना। आरोपी सोनू चाहता था कि चांदनी उसके साथ अपने पैतृक घर छपरा चले, लेकिन चांदनी इसके लिए तैयार नहीं थी। इसी बात को लेकर शुक्रवार शाम दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई।

​विवाद इतना बढ़ा कि सोनू ने चांदनी पर हमला कर दिया। उसने चांदनी को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि उनके कान से खून निकलने लगा। इसके बाद सोनू ने हैवानियत की हदें पार करते हुए उनका गला दबाया और सीने पर भी वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

ऑनलाइन गेमिंग का ‘जहर’ और आर्थिक तंगी

​मृतका की बहन ब्यूटी कुमारी ने इस हत्याकांड के पीछे एक और गहरा पहलू उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनू ऑनलाइन गेमिंग का आदी था और करीब 4 लाख रुपये हार चुका था। यह सारा पैसा चांदनी ने ही अपनी मेहनत की कमाई से उसे दिया था।

​इसके अलावा, हाल ही में चांदनी ने एक जमीन खरीदी थी, जिसे लेकर भी पति और ससुराल पक्ष की ओर से दबाव की बात कही जा रही है। परिजनों का आरोप है कि सोनू अक्सर पैसों के लिए चांदनी को प्रताड़ित करता था।

रात 2 बजे खुद किया पुलिस को फोन

​वारदात को अंजाम देने के बाद सोनू घर में ही रहा। रात करीब 2 बजे उसने पुलिस कंट्रोल रूम (112) को फोन किया और बताया कि चांदनी की हत्या हो गई है। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो चांदनी का शव कमरे में खून से लथपथ पड़ा था। पुलिस ने सोनू को मौके से ही हिरासत में ले लिया है।

​दानापुर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार भारद्वाज ने बताया कि आरोपी पति से पूछताछ जारी है। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और लिखित आवेदन के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

VOB का नजरिया: ऑनलाइन सट्टेबाजी और घरेलू हिंसा का जानलेवा मेल

​यह घटना केवल एक पति-पत्नी के झगड़े का नतीजा नहीं है, बल्कि यह ऑनलाइन गेमिंग (सट्टेबाजी) के बढ़ते लत और उससे उपजे मानसिक तनाव का भयावह उदाहरण है। 4 लाख रुपये हारने का दबाव और पत्नी की आर्थिक स्वतंत्रता सोनू के लिए ‘ईगो’ का सवाल बन गई। एक हेड नर्स, जो अस्पताल में दूसरों की जान बचाती थी, वह अपने ही घर में सुरक्षित नहीं रही। यह समाज और कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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