
हाजीपुर/वैशाली | 28 फरवरी, 2026: वैशाली जिले के बरांटी थाना क्षेत्र में कानून को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शराबबंदी और अपराधियों पर नकेल कसने वाली एएलटीएफ (ALTF) टीम पर शनिवार को दयालपुुर गांव में उग्र ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में बभनी मठ एएलटीएफ-6 में तैनात सब-इंस्पेक्टर (SI) श्रवण कुमार साहू गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उपद्रवियों ने न केवल पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त किया, बल्कि दरोगा की सरकारी पिस्टल छीनने का भी दुस्साहसिक प्रयास किया।
कैसे शुरू हुआ ‘मौत का तांडव’: पुलिस की दबिश और हमला
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कांड संख्या 113/26 का फरार आरोपी विक्रम कुमार अपने घर दयालपुर आया हुआ है। इसी सूचना पर एसआई श्रवण कुमार साहू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे थे।
जैसे ही पुलिस की गाड़ी गांव में रुकी, विक्रम के पिता नरेश राय उर्फ घुसकी राय और मां चिंता देवी पुलिस को देखकर पड़ोसी चंदेश्वर राय के घर में छिप गए। पुलिस जब उन्हें पकड़ने पीछे गई, तो वहां मौजूद लोगों ने गाली-गलौज और हंगामा शुरू कर दिया। इसी शोर-शराबे का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी विक्रम वहां से फरार होने में सफल रहा। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया।
लाठी-डंडे और पत्थरबाजी: लहूलुहान होकर बेहोश हुए SI
आरोप है कि नरेश राय और चंदेश्वर राय के उकसावे पर भीड़ ने लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों और भाला-गरासा जैसे घातक हथियारों से पुलिस टीम पर हमला बोल दिया।
- वाहन पर हमला: उपद्रवियों ने पुलिस जीप का पिछला शीशा तोड़ दिया।
- पिस्टल पर झपट्टा: भीड़ ने एसआई श्रवण कुमार की सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश की।
- सिर पर प्रहार: एसआई के सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया, जिससे वे मौके पर ही लहूलुहान होकर बेहोश हो गए।
आनन-फानन में अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहाँ से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हाजीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई: 15 नामजद और एक महिला गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। थानाध्यक्ष पप्पू कुमार ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसआई के बयान पर 15 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रमुख नामजद आरोपी:
नरेश राय उर्फ घुसकी राय, चंदेश्वर उर्फ विन्देश्वर राय, चिंता देवी, विक्रम कुमार, नवीन कुमार, अरविंद कुमार, प्रवीण कुमार, मुन्ना कुमार, लखिंद्र कुमार, रानी कुमारी, सुमन देवी, खुशबू कुमारी, चंचल कुमारी, सीमा देवी और फुल कुमारी देवी।
इन सभी पर जानलेवा हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हथियार छीनने की कोशिश जैसी संगीन धाराएं लगाई गई हैं।
VOB का नजरिया: बिहार में पुलिस पर बढ़ते हमले एक गंभीर चुनौती
हाजीपुर की यह घटना पहली बार नहीं है जब शराब माफिया या अपराधियों के संरक्षकों ने पुलिस टीम पर हमला किया हो। दयालपुर की घटना यह दर्शाती है कि अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म होता जा रहा है। जब वर्दी पर हाथ डाला जाता है, तो यह केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे राजकीय तंत्र पर हमला है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ न केवल गिरफ्तारी हो, बल्कि उनके अवैध ठिकानों पर बुलडोजर जैसी कार्रवाई भी की जाए ताकि भविष्य में कोई खाकी पर हाथ डालने की हिम्मत न कर सके।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


