सावधान! आपकी थाली में ‘ब्रांडेड’ जहर: छपरा में नकली फॉर्च्यून तेल और टाटा नमक के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़; दिल्ली की टीम ने पुलिस के साथ मारा छापा

छपरा | 28 फरवरी, 2026: सारण जिले में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली खाद्य सामग्री बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। छपरा पुलिस ने दिल्ली से आए विशेष जांचकर्ताओं की गुप्त सूचना पर शहर के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली फॉर्च्यून रिफाइंड तेल और टाटा नमक बरामद किया है। यह कार्रवाई स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ी जीत मानी जा रही है।

रामनगर में ‘फॉर्च्यून’ के नाम पर चल रही थी अवैध फैक्ट्री

​मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रामनगर में पुलिस ने एक मकान में चल रहे नकली तेल पैकिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया है। एम/एस एग्री बिजनेस लिमिटेड के जांचकर्ता नीरज गौड़ को सूचना मिली थी कि उनकी कंपनी के ‘फॉर्च्यून’ ब्रांड का इस्तेमाल कर नकली तेल बाजार में खपाया जा रहा है।

​पुलिस ने जब रामनगर गैस गोदाम के पास स्थित मनीष कुमार पांडेय के मकान पर धावा बोला, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। पुलिस को देखते ही वहां काम कर रहे मजदूर और संचालक फरार हो गए। मौके से पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री जब्त की है:

  • 185 बोतल भरा हुआ नकली फॉर्च्यून तेल।
  • 710 पीस फॉर्च्यून ब्रांड के नकली लेबल।
  • 320 खाली डिब्बे और चार बड़े खाली टीन।

​मकान मालिक मनीष कुमार पांडेय के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

मौना साढा बाजार में ‘टाटा नमक’ के नाम पर बिक रहा था कचरा

​दूसरी बड़ी कार्रवाई नगर थाना क्षेत्र के मौना साढा बाजार में हुई। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के जांचकर्ता मनीष गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने वार्ड संख्या 26 स्थित एक दुकान में छापेमारी की।

​यहां राजा कुमार गुप्ता नामक दुकानदार द्वारा टाटा नमक के नाम पर नकली नमक की खेप बेची जा रही थी। तलाशी के दौरान पुलिस ने दुकान से एक किलोग्राम वाले करीब 500 पैकेट नकली टाटा नमक बरामद किए। दुकानदार को हिरासत में लेकर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दिल्ली की टीम और पुलिस का ‘जॉइंट ऑपरेशन’

​यह पूरा खुलासा तब संभव हो सका जब दिल्ली स्थित कंपनियों के जांचकर्ताओं ने छपरा में डेरा डाला। नीरज गौड़ और मनीष गुप्ता ने गुप्त रूप से बाजारों का सर्वे किया और पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस को जानकारी दी। 27 फरवरी की दोपहर से शुरू हुई यह छापेमारी देर रात तक चली, जिससे पूरे छपरा बाजार के मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।

VOB का नजरिया: मुनाफे की भूख और आम आदमी की सेहत

​फॉर्च्यून तेल और टाटा नमक जैसे ब्रांड हर घर की रसोई का हिस्सा हैं। अपराधी इन्हीं ब्रांडों के भरोसे का फायदा उठाकर लोगों को धीमा जहर परोस रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह धंधा केवल इन दो दुकानों तक सीमित है या इसका नेटवर्क पूरे जिले में फैला है? प्रशासन को चाहिए कि न केवल इन छोटे प्यादों को पकड़े, बल्कि उस मुख्य सप्लायर तक पहुँचे जो इन नकली रैपर्स और बोतलों की छपाई और सप्लाई करता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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