भागलपुर | 28 फरवरी, 2026: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आज भागलपुर अभियंत्रण महाविद्यालय (BCE) का कॉन्फ्रेंस हॉल वैज्ञानिक उत्साह और नई सोच की चमक से सराबोर रहा। जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के भीतर छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा को तराशना और उन्हें अनुसंधान (Research) की दिशा में प्रेरित करना था।
डीएम का संबोधन: “विज्ञान ही राष्ट्र के विकास की धुरी है”
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए विज्ञान और तकनीक के महत्व पर प्रकाश डाला:
“राष्ट्र के विकास में वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper) की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। मैं युवाओं से अपील करता हूँ कि वे केवल बनी-बनाई लीक पर न चलें, बल्कि अनुसंधान, नवाचार (Innovation) और नई तकनीकों को अपनाकर समाज की समस्याओं का समाधान खोजें।”
सम्मान और प्रोत्साहन: जिले के मेधावियों का बढ़ा मान
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने जिले के अव्वल स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
- BCE प्राचार्य का संदेश: संस्थान के प्राचार्य श्री राजू मूलचंद शुभनायक ने छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर रुचि बनाए रखने और प्रयोगधर्मी बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
- विशेषज्ञों की मौजूदगी: इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक श्री एम.जेड. होदा ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम की रूपरेखा
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गतिविधि |
विवरण |
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संचालन |
हर्ष कुमार (छात्र) द्वारा बेहतरीन मंच संचालन |
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सहभागिता |
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे |
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समापन |
धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ |
VOB का नजरिया: किताबी ज्ञान से ‘कलाम’ बनने तक का सफर
भागलपुर अभियंत्रण महाविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में ऐसे आयोजनों का होना शुभ संकेत है। अक्सर छात्र केवल ‘डिग्री’ के पीछे भागते हैं, लेकिन डीएम के संबोधन ने उन्हें ‘सॉल्यूशन प्रोवाइडर’ बनने की प्रेरणा दी है। विज्ञान दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक सोच होनी चाहिए जो हमारे भागलपुर के युवाओं को ग्लोबल लेवल पर पहचान दिला सके।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


