सासाराम | 28 फरवरी, 2026: रोहतास जिले के सासाराम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कानून की बारीकियां समझाने वाले एक अधिवक्ता खुद ही सलाखों के पीछे पहुँच गए हैं। शनिवार को सासाराम नगर थाना पुलिस ने तकिया मोहल्ले में अधिवक्ता राजकमल प्रसाद के घर पर बड़ी छापेमारी की और भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए। पुलिस ने अधिवक्ता और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
वायरल वीडियो ने खोला ‘राज’: सरेआम लहराया था हथियार
इस पूरी कार्रवाई की नींव एक सोशल मीडिया वीडियो ने रखी:
- वायरल क्लिप: वीडियो में अधिवक्ता राजकमल प्रसाद को मामूली विवाद के दौरान सरेआम हथियार लहराते और महिलाओं के साथ अभद्रता करते देखा गया।
- विवाद की जड़: बताया जा रहा है कि गुरुवार को घर के पास लकड़ी काट रहीं महिलाओं से अधिवक्ता का विवाद हुआ था। महिलाओं ने उन पर छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
छापेमारी और बरामदगी का ब्यौरा
पुलिस ने जब अधिवक्ता के घर की तलाशी ली, तो वहाँ से हथियारों का जखीरा मिला:
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बरामद सामग्री |
संख्या |
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अवैध कट्टा |
01 |
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पिस्तौल |
01 |
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जिंदा कारतूस |
16 |
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी का पक्ष
सासाराम SDPO-1 दिलीप कुमार ने बताया कि वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है और अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है। वहीं, गिरफ्तार अधिवक्ता राजकमल प्रसाद ने पुलिसिया कार्रवाई को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है और हथियारों की जानकारी होने से इनकार किया है।
VOB का नजरिया: जब रक्षक ही भक्षक बन जाए
एक अधिवक्ता का समाज में स्थान न्याय के प्रहरी का होता है। लेकिन जब वही व्यक्ति मामूली विवाद में ‘बाहुबली’ की तरह हथियार लहराने लगे और महिलाओं के साथ बदसलूकी करे, तो यह पेशा और समाज दोनों के लिए शर्मनाक है। सासाराम पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, क्योंकि कानून की नजर में काला कोट पहनने वाला और आम नागरिक, दोनों बराबर हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


