अंगुल (ओडिशा) | 27 फरवरी, 2026: मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक खबर ओडिशा के अंगुल जिले से सामने आई है, जहाँ एक 13 साल की नाबालिग लड़की की अस्मत लूटने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। घर के पीछे साग तोड़ने गई बच्ची का शव अगले दिन झाड़ियों से बरामद हुआ। इस जघन्य वारदात के बाद इलाके में तनाव और मातम का माहौल है।
खेत से घर नहीं लौटी मासूम: लापता होने की दास्तां
घटना कनिहा ब्लॉक के NTPC पुलिस स्टेशन सीमा की है।
- शनिवार: नाबालिग बच्ची अपने घर के पीछे के खेत में पत्तेदार साग तोड़ने गई थी। जब वह देर शाम तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की।
- शिकायत: काफी तलाश के बाद भी जब सुराग नहीं मिला, तो स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
- रविवार सुबह: बच्ची का शव गांव के पास एक सुनसान घास के मैदान और झाड़ियों के बीच पड़ा मिला।
आरोपी की पहचान: पहचान छिपाने के लिए की हत्या
पीड़िता के पिता ने गांव के ही एक 22 वर्षीय युवक आशिष नाइक पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
- किडनैपिंग और रेप: आरोप है कि शादीशुदा आशिष ने अकेलेपन का फायदा उठाकर बच्ची को अगवा किया और उसके साथ दरिंदगी की।
- बेरहम कत्ल: रेप के बाद आरोपी ने बच्ची की पहचान उजागर होने के डर से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई: साइंटिफिक टीम और डॉग स्क्वायड तैनात
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अंगुल एसपी (SP) राहुल जैन ने कमान संभाली है।
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- हिरासत: मुख्य आरोपी आशिष फिलहाल फरार है, लेकिन पुलिस ने उसके बड़े भाई और मां समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
- जांच: मौके पर साइंटिफिक टीम और डॉग स्क्वायड ने साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस की कई टीमें फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं।
“हमने लापता होने की शिकायत पर केस दर्ज किया था। शव बरामद होने के बाद सीनियर अधिकारियों और एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर है। हम मामले को जल्द से जल्द सुलझाने और आरोपी को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” > — राहुल जैन, एसपी, अंगुल
VOB का नजरिया: सुरक्षित कब होगी बेटियां?
खेतों और घरों के आसपास से भी बच्चियों का सुरक्षित न होना समाज की गिरती मानसिकता को दर्शाता है। एक मासूम की साग तोड़ते समय ऐसी परिणति होना रोंगटे खड़े कर देता है। पुलिस को चाहिए कि फरार आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर उसे फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कड़ी से कड़ी सजा दिलाए।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


