भागलपुर | 27 फरवरी, 2026: जिले के आम जनों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। ‘7 निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) अभियान के अंतर्गत समीक्षा भवन में विशेष जन-सुनवाई आयोजित की गई, जहाँ जिलाधिकारी ने खुद जनता की समस्याओं को करीब से सुना।
समीक्षा भवन में ‘ऑन-द-स्पॉट’ सुनवाई
जिलाधिकारी ने लगभग 50 आवेदनों पर गहन सुनवाई की। इस दौरान सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया गया।
मुख्य रूप से इन मामलों पर रही नजर:
- पेंशन संबंधी मामले: लंबे समय से लंबित वृद्धावस्था और अन्य पेंशन योजनाओं की अड़चनों को दूर करने का निर्देश दिया गया।
- भूमि विवाद और भू-अर्जन: जमीन से जुड़े पुराने विवादों और अधिग्रहण की प्रक्रियाओं में तेजी लाने को कहा गया।
- दाखिल-खारिज (Mutation): राजस्व विभाग से जुड़ी फाइलों के समय पर निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई।
प्रशासनिक अमले की मौजूदगी
सुनवाई के दौरान डीएम के साथ जिले के तमाम बड़े आलाधिकारी भी मौजूद रहे, ताकि किसी भी मामले पर तुरंत विभागीय फीडबैक लिया जा सके। मौके पर उपस्थित थे:
- श्री प्रदीप कुमार सिंह (उप विकास आयुक्त – DDC)
- श्री जतिन कुमार (सहायक समाहर्ता)
- श्री दिनेश राम (अपर समाहर्ता)
- श्री राकेश रंजन (अपर समाहर्ता, विधि व्यवस्था)
VOB का नजरिया: क्या ‘ईज ऑफ लिविंग’ का सपना होगा सच?
’7 निश्चय-3′ के तहत शुरू किया गया ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ कार्यक्रम बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा जिस तरह से सामूहिक रूप से अधिकारियों की उपस्थिति में सुनवाई की गई, वह जनता और सिस्टम के बीच की दूरी को कम करने में सहायक सिद्ध होगी। हालांकि, असली सफलता तब मानी जाएगी जब ये 50 आवेदन केवल ‘सुने’ न जाएं, बल्कि इनका समाधान तय समय सीमा (Timeline) के भीतर हो जाए।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


