रक्सौल/बिहार | 27 फरवरी, 2026: बिहार की मिट्टी से एक और हीरा निकलकर भारतीय क्रिकेट के फलक पर चमक रहा है। पूर्वी चम्पारण के रक्सौल की रहने वाली मात्र 15 वर्षीय अक्षरा गुप्ता ने वह कर दिखाया है, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में अब तक किसी खिलाड़ी ने नहीं किया। अक्षरा ने लगातार दो सत्रों में BCCI के चार अलग-अलग आयु-वर्ग के टूर्नामेंटों में खेलकर एक दुर्लभ और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
अक्षरा का ‘मिशन इंपॉसिबल’: दो सीजन, आठ चुनौतियां
अक्षरा की यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने न केवल इन श्रेणियों में भाग लिया, बल्कि कई टीमों का सफल नेतृत्व भी किया। उनके प्रदर्शन का ब्यौरा नीचे दिया गया है:
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सत्र (Season) |
श्रेणी/टूर्नामेंट (Category) |
भूमिका/उपलब्धि |
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2024–25 |
अंडर-15 |
उप-कप्तान (Vice-Captain) |
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अंडर-19 (T20 और वनडे) |
मुख्य खिलाड़ी |
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अंडर-23 |
प्रतिभा का प्रदर्शन |
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2025–26 |
अंडर-19 (T20 और वनडे) |
कप्तानी (Captain) |
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अंडर-23 (वनडे) |
मुख्य ऑलराउंडर |
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सीनियर महिला वनडे |
सबसे युवा खिलाड़ी |
15 की उम्र और सीनियर टीम का सफर
आमतौर पर खिलाड़ी एक उम्र-वर्ग से दूसरे में जाने में सालों लगा देते हैं, लेकिन अक्षरा ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर अंडर-15 से लेकर सीधे सीनियर महिला टीम तक का सफर महज 15 साल की उम्र में तय कर लिया। सत्र 2025-26 उनके लिए ‘गोल्डन ईयर’ साबित हुआ, जहाँ उन्होंने अंडर-19 टीम की कमान संभाली और सीनियर नेशनल टीम के दरवाज़े पर दस्तक दी।
VOB का नजरिया: बिहार की खेल प्रतिभाओं के लिए नई ‘रोल मॉडल’
अक्षरा गुप्ता की यह सफलता बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) और राज्य के उन हज़ारों युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। रक्सौल जैसे छोटे शहर से निकलकर भारतीय क्रिकेट की सबसे कम उम्र की ‘मल्टी-कैटेगरी’ प्लेयर बनना यह साबित करता है कि अगर जुनून बड़ा हो, तो उम्र केवल एक संख्या (Number) है। अक्षरा अब भारतीय महिला राष्ट्रीय टीम (Team India) के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रही हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


