भागलपुर | 27 फरवरी, 2026: जिले में अपराध की कमर तोड़ने और कानून-व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए भागलपुर पुलिस ने 25 और 26 फरवरी को एक व्यापक ‘विशेष समकालीन अभियान’ चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े रुख का असर सड़कों पर दिखा, जहाँ पुलिस ने न केवल वारंटियों को दबोचा, बल्कि भारी मात्रा में अवैध शराब और मादक पदार्थों की खेप भी बरामद की।
गिरफ्तारियों का ‘स्कोरकार्ड’: 44 अपराधी पुलिस की गिरफ्त में
48 घंटे की इस सघन छापेमारी के दौरान पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल 44 लोगों को गिरफ्तार किया:
- वारंटी: लंबे समय से फरार चल रहे 22 वारंटियों को पकड़कर जेल भेजा गया।
- अन्य कांड: विभिन्न आपराधिक मामलों में संलिप्त 16 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
- आर्म्स एक्ट: हथियार और कारतूस के साथ 6 अभियुक्तों को सलाखों के पीछे पहुँचाया गया।
शराबबंदी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
इस अभियान की सबसे बड़ी कामयाबी अवैध शराब की बरामदगी रही। पुलिस ने शराब तस्करी के नेटवर्क पर प्रहार करते हुए निम्नलिखित बरामदगी की:
- विदेशी शराब: 3,777.75 लीटर (एक बड़ी खेप, जो संभवतः होली के मद्देनजर मंगाई गई थी)।
- देसी शराब: 142 लीटर बरामद।
- कार्रवाई: शराब तस्करी में 6 और नशे की हालत में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
हथियार, ड्रग्स और ‘हाई-टेक’ उपकरणों की जब्ती
पुलिस ने केवल पारंपरिक अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि ड्रग पेडलर्स और तकनीक का इस्तेमाल करने वाले गिरोहों पर भी नकेल कसी:
- हथियार: एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और चार खोखा बरामद।
- ड्रग्स: 100 ग्राम ब्राउन शुगर (स्मैक) जब्त की गई, जो युवाओं के बीच नशे के बढ़ते जाल की ओर इशारा करती है।
- उपकरण: दो लैपटॉप, दो टैब, प्रिंटर, स्कैनर और मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिससे किसी फर्जीवाड़ा गिरोह या संगठित सिंडिकेट के तार जुड़े होने की आशंका है।
सड़कों पर सख्ती: ₹17,250 का जुर्माना
वाहन जांच अभियान के तहत पुलिस ने 1,574 वाहनों की सघन तलाशी ली। इस दौरान हेलमेट, ट्रिपल लोडिंग और कागजों की कमी पाए जाने पर यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए 17,250 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
VOB का नजरिया: क्या यह अभियान ‘क्राइम रेट’ कम करेगा?
एक साथ 44 गिरफ्तारियां और इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी शराब की बरामदगी यह दर्शाती है कि पुलिस के पास इनपुट और सक्रियता, दोनों मौजूद हैं। विशेष रूप से चुनाव और त्यौहारों से पहले इस तरह के ‘समकालीन अभियान’ अपराधियों में डर पैदा करने के लिए जरूरी हैं। हालांकि, ब्राउन शुगर और हाई-टेक उपकरणों (लैपटॉप-प्रिंटर) की बरामदगी पुलिस के लिए नई चुनौती है, क्योंकि यह संकेत देता है कि अपराधी अब ‘स्मार्ट’ और ‘नशीले’ व्यापार में ज्यादा निवेश कर रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


