मुंगेर/पूर्णिया | 27 फरवरी, 2026: बिहार के मुंगेर जिले से लापता जीएनएम (GNM) छात्रा स्नेहा कुमारी मामले में एक ऐसा खौफनाक खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस और समाज दोनों को हिलाकर रख दिया है। जिसे स्नेहा अपना हमसफर मानती थी, उसी ने न केवल उसकी मौत को राज बनाए रखा, बल्कि सबूत मिटाने के लिए अकेले ही श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। मुंगेर पुलिस की जांबाज टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और ‘डोम राजा’ की गवाही के आधार पर इस ‘परफेक्ट मर्डर’ जैसी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।
प्रेम प्रसंग और शादी का खूनी पेच
सफियासराय (मुंगेर) की रहने वाली स्नेहा कुमारी (साव जाति) और पूर्णिया के मेडिसीटी न्यूरो हॉस्पिटल के ओटी इंचार्ज नीरज कुमार यादव के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था।
- विवाद की वजह: नीरज के परिजन इस अंतर्जातीय विवाह के खिलाफ थे और नीरज की शादी कहीं और तय करने वाले थे।
- तीन दिन का रहस्य: इसी बात से नाराज होकर स्नेहा भागलपुर से सीधे पूर्णिया स्थित नीरज के कमरे पर पहुँची थी। बताया जा रहा है कि वह वहां तीन दिनों तक रुकी, जहाँ नीरज ने मेडिकल किट से उसका प्रेगनेंसी टेस्ट भी किया था।
श्मशान में बोला सबसे बड़ा झूठ: “यह मेरी पत्नी है”
मामले की सबसे वीभत्स तस्वीर पूर्णिया के कप्तानपारा श्मशान घाट पर सामने आई। पुलिसिया जांच में श्मशान के ‘डोम राजा’ ने जो बयान दिया, वह रूह कंपा देने वाला है:
”नीरज अकेले ही एक टोटो से लड़की की लाश लेकर आया था। जब मैंने पूछा कि परिवार का कोई और सदस्य क्यों नहीं है, तो उसने सफेद झूठ बोला कि— ‘यह मेरी पत्नी है, मेरे घर में कोई और नहीं है।’“
साक्ष्यों के अनुसार, नीरज ने सबूतों को पूरी तरह राख करने के लिए लकड़ी विक्रेता को 8,500 रुपये का भुगतान किया और चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस की ‘लेडी सिंघम’ ने खोला राज
इस पेचीदा केस को सुलझाने में 2018 बैच की सब इंस्पेक्टर शिवरानी कुमारी ने मुख्य भूमिका निभाई।
- CDR और लोकेशन: मोबाइल लोकेशन और सीडीआर के आधार पर पुलिस की टीम पूर्णिया पहुँची।
- कोर्ट में आमना-सामना: पुलिस ने आरोपी नीरज और श्मशान के डोम राजा को मुंगेर न्यायालय में आमने-सामने खड़ा किया। डोम राजा ने मजिस्ट्रेट के सामने फोटो पहचानते हुए कहा कि नीरज ही वह व्यक्ति था जिसने दाह संस्कार के लिए संपर्क किया था।
अनसुलझे सवाल: हत्या या आत्महत्या?
भले ही लाश जला दी गई हो, लेकिन पुलिस के सामने अब भी यह पहेली बरकरार है कि स्नेहा की जान कैसे गई?
- क्या उसकी हत्या की गई?
- क्या प्रेगनेंसी के डर से उसने आत्महत्या की?
- या फिर ओटी इंचार्ज होने के नाते नीरज ने कोई गलत इलाज/इन्जेक्शन दिया जिससे उसकी मौत हुई?
परिजनों का चीत्कार: “हमे इंसाफ चाहिए”
मृतका के भाई प्रेम शर्मा और मां किरण देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि नीरज ने न केवल स्नेहा की जान ली, बल्कि हिंदू रीति-रिवाजों का अपमान करते हुए परिजनों को उसका आखिरी चेहरा तक देखने नहीं दिया। उन्होंने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
बोले एसपी (मुंगेर):
“पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। आरोपी प्रेमी नीरज यादव सलाखों के पीछे है। हम इस केस में स्पीडी ट्रायल करवाकर जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलवाने का काम करेंगे।” — सैय्यद इमरान मसूद, एसपी मुंगेर
VOB का नजरिया: मेडिकल प्रोफेशन की आड़ में साक्ष्यों से खिलवाड़?
यह घटना केवल एक लव स्टोरी का अंत नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल द्वारा अपने ज्ञान का इस्तेमाल सबूत मिटाने के लिए करने की शर्मनाक मिसाल है। पुलिस की सक्रियता से आरोपी पकड़ा तो गया, लेकिन स्नेहा की मौत का असली कारण अब भी नीरज के बयानों और पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट्स के बीच उलझा हुआ है।


