पूर्णिया | 27 फरवरी, 2026: बिहार के पूर्णिया जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक खबर सामने आई है। बी. कोठी प्रखंड के एक मध्य विद्यालय में ‘गुरु-शिष्य’ के पवित्र रिश्ते को कलंकित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) पर तीसरी कक्षा की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास का गंभीर आरोप लगा है। घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है और आरोपी हेडमास्टर स्कूल छोड़कर फरार बताया जा रहा है।
किचन में बुलाकर की दरिंदगी की कोशिश
यह शर्मनाक घटना बीते बुधवार की दोपहर करीब 3:00 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता की मां के अनुसार, आरोपी प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सहनी उर्फ विशेश्वर मंडल ने उनकी 10 वर्षीय बेटी को बहाने से स्कूल के किचन में बुलाया। वहां उसने बच्ची के साथ छेड़खानी शुरू कर दी और दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची को चुप रहने के लिए प्रलोभन भी दिया गया, लेकिन घर पहुँचते ही मासूम फफक कर रो पड़ी और अपनी मां को आपबीती सुनाई।
दूसरे दिन स्कूल में मचा बवाल, पुलिस बल तैनात
घटना की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को हुई, गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में लोग स्कूल पहुँच गए और हेडमास्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। माहौल बिगड़ता देख रूपेश्वरी ओपी के एएसआई झब्बू प्रजापति पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी हेडमास्टर को हंगामे की भनक लग गई थी, जिसके कारण वह गुरुवार को स्कूल नहीं आया।
प्रशासनिक कार्रवाई और आश्वासन
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- पुलिस की जांच: रूपेश्वरी ओपी पुलिस ने सहायक शिक्षकों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है।
- बीडीओ को आवेदन: पीड़िता की मां ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को लिखित आवेदन देकर आरोपी हेडमास्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- बीईओ का बयान: प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) उमेश कुमार ने बताया कि वह फिलहाल जिला मुख्यालय में बैठक में हैं। आवेदन प्राप्त होते ही उसे आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित थाने को अग्रसारित (Forward) कर दिया जाएगा।
पीड़िता की मां का बयान:
“मेरी बेटी स्कूल पढ़ने गई थी, लेकिन वहाँ के हेडमास्टर ने उसे किचन में बुलाकर गलत काम करने की कोशिश की। बेटी घर आकर बहुत रो रही थी। हम चाहते हैं कि ऐसे अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि किसी और बच्ची के साथ ऐसा न हो।”
VOB का नजरिया: क्या स्कूलों में सुरक्षित हैं हमारी बेटियां?
यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा धब्बा है। जहाँ अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए स्कूल भेजते हैं, वहाँ अगर विद्यालय का मुखिया ही भक्षक बन जाए, तो समाज का विश्वास टूट जाता है। आरोपी का फरार होना और अधिकारियों का ‘मीटिंग में होने’ का हवाला देना कार्रवाई में देरी का संकेत है। प्रशासन को चाहिए कि ‘पोक्सो एक्ट’ (POCSO Act) के तहत त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजे।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


