पटना हाईकोर्ट से पूर्व विधायक रीतलाल यादव को बड़ा झटका: रंगदारी और जमीन कब्जे के मामले में जमानत याचिका खारिज; जेल में ही रहेंगे पूर्व MLA

पटना | 27 फरवरी, 2026: दानापुर के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता रीतलाल यादव उर्फ रीतलाल राय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पटना हाईकोर्ट ने रंगदारी, अवैध जमीन कब्जे और संगठित गिरोह चलाने से जुड़े एक गंभीर मामले में उनकी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद रीतलाल यादव को फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

न्यायमूर्ति सत्यव्रत वर्मा की एकलपीठ का फैसला

मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सत्यव्रत वर्मा की एकलपीठ में हुई। अदालत ने रीतलाल यादव के खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता और मामले के तथ्यों को देखते हुए उन्हें नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया। रीतलाल यादव ने खगौल थाना कांड संख्या 171/2025 में राहत की उम्मीद के साथ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने उनकी अर्जी नामंजूर कर दी।

क्या है पूरा मामला?

पूर्व विधायक रीतलाल यादव के खिलाफ दर्ज यह मामला काफी गंभीर है। उन पर आरोप है कि उन्होंने:

  • रंगदारी और धन उगाही: संगठित तरीके से लोगों से धन की अवैध वसूली की।
  • अवैध कब्जा: निजी जमीन के साथ-साथ सरकारी जमीन पर भी गैर-कानूनी ढंग से कब्जा किया।
  • संगठित गिरोह: इलाके में वर्चस्व बनाए रखने के लिए एक संगठित अपराधी गिरोह का संचालन किया।

8 महीने से अधिक समय से जेल में बंद

गौरतलब है कि रीतलाल यादव 13 जून, 2025 से ही इस मामले में जेल में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही उनके समर्थक जमानत के लिए प्रयासरत थे, लेकिन हाईकोर्ट के इस ताजा रुख ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। रीतलाल यादव का आपराधिक इतिहास और मामले की संवेदनशीलता जमानत न मिलने के पीछे के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

​दानापुर और आसपास के क्षेत्रों में रीतलाल यादव का खासा प्रभाव माना जाता है, लेकिन कानूनी शिकंजा कसने के बाद उनके राजनीतिक और सामाजिक रसूख पर बड़ा असर पड़ा है। अब बचाव पक्ष इस आदेश के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई और उच्च न्यायालय में पुनर्विचार के विकल्पों पर विचार कर रहा है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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