पटना | 26 फरवरी, 2026: राजधानी के ताज सिटी सेंटर में गुरुवार को फेडरेशन ऑफ इंडियन डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्रीज (FIDSI) द्वारा आयोजित 10वां नेशनल डायरेक्ट सेलिंग कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार में ‘डायरेक्ट सेलिंग’ (सीधे बिक्री) उद्योग को व्यवस्थित करना, इसके नियमों की बारीकी को समझाना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना रहा।
नियमों का पालन और मजबूत मॉनिटरिंग जरूरी: अभय कुमार सिंह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह (IAS) ने अपने संबोधन में उद्योग जगत को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने ‘डायरेक्ट सेलिंग नियम 2021’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि एक पारदर्शी और जवाबदेह सिस्टम ही इस सेक्टर को लंबी सफलता दिला सकता है। उन्होंने मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम, मानक संचालन प्रक्रिया (SOPs), और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को अनिवार्य बताया ताकि उपभोक्ता पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।
अवैध योजनाओं पर होगी सख्ती
उपभोक्ता संरक्षण निदेशालय के निदेशक एवं विशेष सचिव श्री बिभूति रंजन चौधरी (IAS) ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने पारदर्शी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और जिला स्तर पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि डायरेक्ट सेलिंग की आड़ में चलने वाली अवैध और लुभावनी योजनाओं (Ponzi Schemes) पर सरकार की पैनी नजर है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण का बड़ा मंच
कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने डायरेक्ट सेलिंग को रोजगार का एक सशक्त माध्यम बताया। एडवोकेट अभिलाष थॉमस ने कहा कि व्यवस्थित डायरेक्ट सेलिंग उद्योग देश में बेरोजगारी की समस्या को कम करने में सरकार का बड़ा सहयोगी बन सकता है। वहीं, श्री एन. शाह ने इस क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए इसे ‘महिला सशक्तिकरण’ का एक बेहतरीन उदाहरण करार दिया।
FIDSI के जनरल सेक्रेटरी श्री राहुल सुदान ने बिहार सरकार की मॉनिटरिंग नीति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस रुख से न केवल पोंजी स्कीम्स पर रोक लगेगी, बल्कि इस उद्योग के प्रति आम उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ेगा। श्री गोपाल कुंडू ने उत्पादों के सही और गुणवत्तापूर्ण उपयोग पर अपनी बात रखी।
यह कॉन्क्लेव बिहार में डायरेक्ट सेलिंग सेक्टर को एक पेशेवर पहचान दिलाने और इसे एक जिम्मेदार व्यापारिक मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। कार्यक्रम में सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने साथ मिलकर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा का संकल्प लिया।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


