भागलपुर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का एसएसपी ने किया निरीक्षण; ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के आदेश

भागलपुर | 26 फरवरी, 2026: भागलपुर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में आज वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। पुलिस सप्ताह के दौरान अपनी सक्रियता दिखाते हुए एसएसपी ने शहर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तकनीक के जरिए शहर की निगरानी कर रहे पुलिसकर्मियों की कार्यशैली को बारीकी से परखा।

ट्रैफिक व्यवस्था पर ‘फुल फोकस’: DSP कार्यालय की समीक्षा

​निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने मुख्य रूप से ट्रैफिक पुलिस उपाधीक्षक (DSP Traffic) कार्यालय से संबंधित कार्यों की समीक्षा की:

  • कार्यप्रणाली की जांच: कंट्रोल सेंटर में तैनात कर्मियों से उनके दैनिक दायित्वों और कैमरों के जरिए निगरानी की प्रक्रिया की जानकारी ली।
  • सख्त निर्देश: एसएसपी ने स्पष्ट किया कि शहर की सड़कों पर अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके विरुद्ध सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर सख्त नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
  • सुचारु यातायात: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगे इन कैमरों का अधिकतम उपयोग ट्रैफिक को जाम-मुक्त और सुव्यवस्थित बनाने के लिए करने का निर्देश दिया गया।

अपराध नियंत्रण: 24×7 मॉनिटरिंग और सतर्कता

​कंट्रोल रूम केवल ट्रैफिक के लिए नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा का भी केंद्र है। एसएसपी ने मॉनिटरिंग टीम को विशेष मंत्र दिए:

  1. सतर्कता: संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने वाले कर्मियों को हर समय अलर्ट (Vigilant) रहने को कहा गया।
  2. त्वरित सूचना: किसी भी संदिग्ध घटना या अपराधी के दिखने पर तुरंत संबंधित थाना या गश्ती दल को सूचित करने का प्रोटोकॉल और सख्त किया गया।
  3. कानून-व्यवस्था: शहर के संवेदनशील इलाकों की डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ाकर कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

VOB का नजरिया: तकनीक से ‘स्मार्ट’ होती पुलिसिंग

​भागलपुर में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का सक्रिय होना पुलिसिंग के एक नए युग की शुरुआत है। एसएसपी का यह औचक निरीक्षण कर्मियों को यह संदेश देता है कि स्क्रीन के पीछे की ढिलाई भी पकड़ी जाएगी। ट्रैफिक नियमों के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति न केवल सड़कों को सुरक्षित बनाएगी, बल्कि शहर की छवि भी सुधारेगी। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या ई-चालान और डिजिटल मॉनिटरिंग के बाद भी लोग सड़कों पर नियमों का पालन स्वेच्छा से करेंगे?

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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