बिहार सरकार ने सभी राशन कार्डधारकों को चेतावनी दी है कि ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया 28 फरवरी 2026 तक पूरी करना अनिवार्य है। अगर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा और लाभुक को मुफ्त अनाज नहीं मिलेगा।
कौन हैं प्रभावित?
सीवान जिले के आंकड़ों के अनुसार, कुल 27,73,954 राशन कार्डधारी हैं। इनमें से लगभग 22,02,426 लाभुक (80%) ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है, जबकि 5,71,528 लाभुक (20%) का ई-केवाईसी अब भी लंबित है। विभाग ने कहा है कि लंबित मामलों में कई लोग दूसरे राज्यों में चले गए हैं, मृतक हैं या उनके नाम डुप्लीकेट कार्ड में दर्ज हैं।
क्यों जरूरी है ई-केवाईसी?
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने साफ किया है कि ई-केवाईसी कराने का उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकना और अपात्र लोगों को लिस्ट से बाहर करना है।
अन्य योजनाओं पर भी असर
जिन राशन कार्डधारकों का ई-केवाईसी नहीं होगा, वे सरकार की सात अन्य योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री आवास योजना
- आयुष्मान भारत योजना
- श्रमिक योजना
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
- फसल बीमा योजना
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
- प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना
विभाग की अपील
जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी ने लाभुकों से अनुरोध किया है कि वे अंतिम तिथि से पहले ई-केवाईसी अवश्य पूरी करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।


