बक्सर में ‘वर्दी’ हुई बेपर्दा: डांसर के ठुमकों पर SI ने लुटाए नोट, अश्लील हरकतों का VIDEO वायरल; नपेंगे ‘अय्याश’ दारोगा जी!

बक्सर | 25 फरवरी, 2026: बिहार पुलिस की छवि सुधारने की कोशिशों पर एक बार फिर ‘अपनों’ ने ही कालिख पोत दी है। बक्सर जिले के बगेल थाने में तैनात एक दारोगा (SI) का ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जिसने पुलिस महकमे की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। वीडियो में कानून का रखवाला अश्लीलता की सारी हदें पार करते हुए एक महिला डांसर के साथ आपत्तिजनक हालत में नजर आ रहा है।

ठुमकों पर न्योछावर हुई मर्यादा: वर्दी में ‘विलेन’ वाला अवतार

​सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे इस वीडियो ने लोगों को हैरत में डाल दिया है। वीडियो की कड़वी सच्चाई कुछ इस प्रकार है:

  • कौन हैं दारोगा जी: वीडियो में दिख रहे शख्स की पहचान बगेल थाने में तैनात SI मनीष कुमार के रूप में हुई है।
  • क्या है वीडियो में: दारोगा जी एक निजी कार्यक्रम में महिला डांसर के बेहद करीब जाकर अश्लील हरकतें कर रहे हैं। इतना ही नहीं, अपनी धौंस और जोश में वे डांसर पर खुलेआम रुपए भी लुटा रहे हैं। * बेफिक्र अंदाज: दारोगा के चेहरे के हाव-भाव बता रहे हैं कि उन्हें न तो अपने पद का खौफ है और न ही वर्दी की गरिमा का ख्याल। वे पूरी तरह ‘मस्ती’ के मूड में डूबे नजर आ रहे हैं।

पुलिस मुख्यालय में हड़कंप: एसपी शुभम आर्य ने लिया संज्ञान

​जैसे ही यह वीडियो पुलिस कप्तान (SP) तक पहुँचा, विभाग में खलबली मच गई। आम जनता के बीच पुलिस की इस ओछी हरकत को लेकर भारी गुस्सा है।

  • जांच के आदेश: बक्सर एसपी शुभम आर्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं।
  • होगी सख्त कार्रवाई: एसपी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अनुशासनहीनता के आरोपी दारोगा पर कड़ी गाज गिरना तय है। पुलिस सूत्रों की मानें तो मनीष कुमार को सस्पेंड (निलंबित) किया जा सकता है।

VOB का नजरिया: अनुशासन या केवल दिखावा?

​बक्सर की यह घटना कोई पहली बार नहीं है जब बिहार पुलिस का कोई जवान या अधिकारी इस तरह की ‘रंगीनमिजाजी’ में पकड़ा गया हो।

  1. मर्यादा का सवाल: जिस पुलिस पर समाज को सभ्य बनाने और कानून का राज स्थापित करने की जिम्मेदारी है, अगर वही वर्दी पहनकर अश्लीलता परोसने लगे, तो जनता का भरोसा किस पर रहेगा?
  2. प्रशिक्षण में कमी: क्या पुलिस एकेडमी में जवानों को केवल हथियार चलाना सिखाया जाता है, नैतिकता और सार्वजनिक आचरण नहीं?
  3. निजी बनाम सार्वजनिक: हालांकि बताया जा रहा है कि यह एक निजी कार्यक्रम था, लेकिन जब आप वर्दी में होते हैं या समाज आपको एक रक्षक के तौर पर देखता है, तो आपकी हर हरकत विभाग की छवि तय करती है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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