बिहार के सीमांचल में अमित शाह की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ वाली सुरक्षा समीक्षा: 700 किमी भारत-नेपाल बॉर्डर पर होगा ‘खेला’; 7 जिलों के DM-SP तलब

पूर्णिया/किशनगंज | 25 फरवरी, 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज से बिहार के तीन दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर पहुँच रहे हैं। शाह का यह दौरा न केवल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से इसे ‘मिशन सीमांचल’ माना जा रहा है। गृह मंत्री भारत और नेपाल की लगभग 700 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, उसके प्रबंधन और वहां होने वाली आर्थिक नाकेबंदी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अधिकारियों के साथ आर-पार की समीक्षा करेंगे।

आज शाम पूर्णिया में लैंडिंग: किशनगंज में होगा ‘नाइट स्टे’

​आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, अमित शाह बुधवार की शाम सीधे पूर्णिया एयरपोर्ट पर उतरेंगे।

  • किशनगंज रवानगी: पूर्णिया से वे हेलिकॉप्टर के जरिए किशनगंज जाएंगे।
  • मैराथन बैठक: शाम को किशनगंज समाहरणालय में दो घंटे तक हाई-लेवल समीक्षा बैठक होगी, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों के बड़े अधिकारी शामिल होंगे। गृह मंत्री आज की रात किशनगंज में ही विश्राम करेंगे।

कल अररिया में ‘लेटी’ पोस्ट का उद्घाटन और DM-SP की क्लास

​गुरुवार, 26 फरवरी का दिन काफी व्यस्त रहने वाला है। शाह सीमावर्ती इलाकों की जमीनी हकीकत परखेंगे:

  1. SSB चौकी का तोहफा: सुबह 11 बजे अररिया में एसएसबी सीमा चौकी ‘लेटी’ का भव्य उद्घाटन करेंगे।
  2. 7 जिलों का रिपोर्ट कार्ड: इसके बाद वे सूबे के सात सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी के साथ सीधी बैठक करेंगे। इसमें घुसपैठ, तस्करी और भारत-नेपाल के बीच उभरते नए सुरक्षा खतरों पर चर्चा होगी।
  3. वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम: सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए चल रहे ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। कल रात शाह पूर्णिया में रुकेंगे।

27 फरवरी: पटना या पूर्णिया में फाइनल मंथन

​दौरे के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा से जुड़े अंतिम मुद्दों पर चर्चा होगी। डीजीपी विनय कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी कवायद सीमा प्रबंधन को और अधिक आधुनिक और अभेद्य बनाने के लिए की जा रही है। संभावना है कि 27 तारीख की बैठक पूर्णिया में हो या फिर अंतिम समय में इसे पटना में शिफ्ट किया जाए, जिसके बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

क्यों अहम है यह दौरा? (VOB विश्लेषण)

  • 700 किमी का मोर्चा: बिहार और नेपाल की सीमा खुली होने के कारण हमेशा से सुरक्षा चुनौतियों का केंद्र रही है।
  • आर्थिक नाकेबंदी और तस्करी: सीमा पर होने वाली तस्करी और आर्थिक गतिविधियों पर नियंत्रण लगाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।
  • राजनीतिक संदेश: सीमांचल के इलाके में अमित शाह की मौजूदगी और वहां रात्रि विश्राम करना सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ स्थानीय जनता को भी एक बड़ा संदेश है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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