बिहार की सड़कों पर अब पैदल चलना होगा सुरक्षित: 37 नए फुट ओवर ब्रिज और 3000+ जेब्रा क्रॉसिंग का प्लान; सचिव पंकज पाल का ‘सेफ्टी फर्स्ट’ ऑर्डर

पटना | 25 फरवरी, 2026: बिहार में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और पैदल यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए पथ निर्माण विभाग ने एक मेगा प्लान तैयार किया है। मंगलवार को विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने एक हाई-लेवल मीटिंग में राज्य की सड़कों का कायाकल्प करने का निर्देश दिया। अब बिहार के शहरों और कस्बों में न केवल जेब्रा क्रॉसिंग चमकेंगे, बल्कि 37 प्रमुख जगहों पर नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) भी खड़े किए जाएंगे।

3382 जेब्रा क्रॉसिंग से बदलेगी सड़कों की तस्वीर

​सड़क सुरक्षा को लेकर सचिव ने आंकड़ों के साथ अभियंताओं की क्लास ली। राज्य में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए जेब्रा क्रॉसिंग को प्राथमिकता दी जा रही है:

  • मौजूदा स्थिति: राज्य के विभिन्न जिलों में 3040 जेब्रा क्रॉसिंग स्थल पहले से निर्मित हैं, जिनकी पेंटिंग और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर करने का निर्देश दिया गया है।
  • नया प्रस्ताव: 342 नए स्थलों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने का प्रस्ताव तैयार है, जिस पर जल्द ही काम शुरू होगा।
  • डीएम से समन्वय: सचिव ने निर्देश दिया कि जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में इन आंकड़ों को रखा जाए ताकि जिलाधिकारियों (DM) के साथ मिलकर इनका बेहतर क्रियान्वयन हो सके।

37 नए फुट ओवर ब्रिज: जाम और जान के जोखिम से मिलेगी राहत

​सड़क पार करते समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए विभाग ने 37 संवेदनशील स्थलों का चयन किया है, जहाँ फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे।

  • डीएम की सहमति अनिवार्य: सचिव पंकज पाल ने कड़ा निर्देश दिया कि इन 37 प्रस्तावित ब्रिज के लिए संबंधित जिलाधिकारियों से जल्द से जल्द सहमति प्राप्त की जाए।
  • निर्माण में तेज़ी: स्थल चयन और सहमति मिलते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

शहरों और कस्बों में फुटपाथ का होगा जाल

​सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती फुटपाथ की कमी है। इसे देखते हुए सचिव ने अभियंताओं को विशेष टास्क सौंपा है:

  • साइट चयन: शहरों और कस्बों से गुजरने वाली मुख्य सड़कों पर फुटपाथ निर्माण के लिए स्थलों का चयन करने को कहा गया है।
  • रिपोर्ट तलब: जल्द ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाएगी, जिसके बाद बजट और निर्माण की रूपरेखा तय होगी।

सड़क सुरक्षा नीति: दुर्घटनाओं को कम करने का लक्ष्य

​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में विभाग के सभी वरीय पदाधिकारी और जिलों के कार्यपालक अभियंता शामिल हुए। सचिव ने स्पष्ट किया कि:

  1. ​जेब्रा क्रॉसिंग की पेंटिंग का कार्य केवल खानापूर्ति न हो, यह मानकों के अनुरूप दिखना चाहिए।
  2. ​नई सड़कों के निर्माण के साथ ही सुरक्षा बिंदुओं (Safety points) को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।
  3. ​पैदल यात्रियों का आवागमन सुरक्षित बनाना राज्य की ‘सड़क सुरक्षा नीति’ का अहम हिस्सा है।

द वॉयस ऑफ बिहार का नजरिया: बिहार में विकास का मतलब केवल चौड़ी सड़कें नहीं, बल्कि सुरक्षित सड़कें भी होना चाहिए। विभाग का यह कदम सराहनीय है, बशर्ते पेंटिंग और निर्माण की गुणवत्ता कागजों से निकलकर जमीन पर भी उतनी ही चमकदार दिखे।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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