मुजफ्फरपुर | 25 फरवरी, 2026: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने न केवल धर्म और उम्र की दीवारें तोड़ीं, बल्कि अब एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है जिसने पूरे सूबे में ‘बवाल’ मचा दिया है। औराई क्षेत्र के 60 वर्षीय स्कूल संचालक राकेश साह और 28 वर्षीया शिक्षिका शाइस्ता परवीन की शादी के महज तीन दिन बाद किलकारी गूंजी है। शाइस्ता ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है, जिसके बाद यह मामला कानूनी और सामाजिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
घटनाक्रम: 72 घंटों में बदला पूरा मंजर
इस पूरी कहानी में मोड़ बहुत तेजी से आए। 18 फरवरी को राकेश और शाइस्ता अपने घरों से लापता हुए और नेपाल के जनकपुर में जाकर हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। इसके ठीक दो दिन बाद, यानी 20 फरवरी को सोशल मीडिया पर उनकी शादी की तस्वीरें और शाइस्ता का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने अपनी मर्जी से शादी करने का दावा किया था। लेकिन सबसे बड़ा चौंकाने वाला खुलासा 21 फरवरी को हुआ, जब शाइस्ता ने सीतामढ़ी के एक निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। यानी शादी के महज 72 घंटे बाद वह मां बन गई।
32 साल का फासला और ‘स्कूल’ वाला प्रेम
60 साल के राकेश साह और 28 साल की शाइस्ता के बीच प्रेम की शुरुआत स्कूल संचालन के दौरान हुई थी। राकेश साह न केवल स्कूल संचालक हैं, बल्कि चार बच्चों के पिता भी हैं। वहीं, शाइस्ता भी पहले से विवाहित बताई जा रही है। 32 साल के उम्र के फासले और अलग-अलग धर्मों के बावजूद दोनों ने नेपाल जाकर विवाह रचाया। वायरल वीडियो में शाइस्ता ने स्पष्ट कहा था कि वह राकेश के साथ खुश है और उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर शादी की है।
परिजनों का आरोप: ‘जबरन धर्मांतरण और साजिश’
इस कहानी का दूसरा पहलू कानूनी विवादों से घिरा है। शाइस्ता के भाई फैसल इमाम अशरफ ने औराई थाने में राकेश साह समेत सात लोगों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। परिजनों का आरोप है कि राकेश ने शाइस्ता को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया और जबरन हिंदू बनाकर शादी रचाई। शिकायत में राकेश की पत्नी और बेटी पर भी इस पूरी साजिश में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
पुलिस की कार्रवाई: जच्चा-बच्चा सुरक्षित, आरोपी फरार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए औराई पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से शाइस्ता को सीतामढ़ी के एक अस्पताल से बरामद कर लिया है।
”शाइस्ता को बरामद कर लिया गया है। चूंकि उसने हाल ही में बच्ची को जन्म दिया है, इसलिए वह फिलहाल पुलिस की निगरानी में अस्पताल में ही भर्ती है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही उसके बयान 164 के तहत कोर्ट में दर्ज कराए जाएंगे। मुख्य आरोपी राकेश साह फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।”
— सनोवर प्रवीण, औराई थाना प्रभारी
VOB का नजरिया: कानून और जज्बात की जंग
यह मामला केवल एक प्रेम कहानी नहीं रह गया है। शादी के महज 3 दिन बाद बच्चे का जन्म होना यह साफ करता है कि शाइस्ता पहले से गर्भवती थी। अब कोर्ट में होने वाला शाइस्ता का बयान ही यह तय करेगा कि यह उसकी अपनी मर्जी थी या वह किसी बड़ी साजिश का शिकार हुई। फिलहाल, मुजफ्फरपुर में इस ‘मई-दिसंबर रोमांस’ और उसके कानूनी अंजाम की चर्चा हर जुबान पर है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


