पटना में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे चौकीदार-दफादार कर्मियों पर हुए लाठीचार्ज ने बिहार की सियासत गरमा दी है। केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘असंवेदनशील’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और जल्द ही सांसदों का एक दल गृह मंत्री से मिलकर न्याय की गुहार लगाएगा।
“गांवों की सुरक्षा की रीढ़ पर लाठीचार्ज दुखद”
- चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि चौकीदार और दफादार गांवों की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं।
- उन्होंने कहा कि अपनी जायज मांगों के लिए आवाज उठाने वाले कर्मियों पर बल प्रयोग करना दुखद और चिंताजनक है।
- किसी भी संवेदनशील व्यवस्था में बल के जरिए आवाज दबाना स्वीकार्य नहीं है।
सांसद अरुण भारती के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल
- चिराग पासवान ने घोषणा की कि सांसद अरुण भारती के नेतृत्व में पार्टी का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री से भेंट करेगा।
- प्रतिनिधिमंडल चौकीदारों की सेवा-संबंधी समस्याओं के स्थायी समाधान और लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात
- चिराग पासवान ने बताया कि वे स्वयं भी नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे।
- उनका उद्देश्य है चौकीदार-दफादार कर्मियों की आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना।
- उन्होंने जोर देकर कहा कि सुधार के नाम पर परिवारों की गरिमा से समझौता स्वीकार्य नहीं है।
लोजपा का स्पष्ट संदेश
- पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी कुंदन कुमार के अनुसार, चिराग पासवान का मानना है कि गांवों की सुरक्षा करने वालों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
- लोजपा ने साफ कर दिया कि वह इन कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।


