पटना: प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में होली पर्व के मद्देनजर राज्य में विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य होली को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है।
3 और 4 मार्च को मनाई जाएगी होली
बैठक में पंकज दराद, एडीजी (विधि-व्यवस्था) ने जानकारी दी कि राज्य में 3 और 4 मार्च को होली मनाई जाएगी। उन्होंने पिछले वर्ष होली के दौरान हुई लगभग 20 सांप्रदायिक घटनाओं का जिक्र करते हुए संबंधित जिलों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करने को कहा, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बना रहे और अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।
DJ पर कड़ी निगरानी, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
विनय कुमार, पुलिस महानिदेशक (DGP) बिहार ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीजे संचालन पर कड़ी निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई हो।
डीजीपी ने सभी एसपी को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की विस्तृत ब्रीफिंग करें, ताकि ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की चूक न हो।
24 घंटे रेडी मोड में रहेगा दंगा नियंत्रण दस्ता
बैठक में निर्देश दिया गया कि दंगा नियंत्रण दस्ता (Riot Control Squad) को 24 घंटे ‘रेडी मोड’ में रखा जाए। संवेदनशील इलाकों में विशेष चेकिंग टीम गठित कर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।
आपात स्थिति से निपटने के लिए डायल 112 और जिला समन्वय केंद्रों को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अस्पतालों और फायर ब्रिगेड को भी ‘एक्टिव मोड’ में रहने को कहा गया है।
गृह विभाग की भी सख्त निगरानी
बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी भी मौजूद रहे। उन्होंने जिला प्रशासन को विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाने और किसी भी स्थिति से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए।
राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि होली के दौरान कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए सभी विभाग समन्वय में काम करेंगे।


