सुपौल | 24 फरवरी, 2026: बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। पड़ोस में आयोजित एक शादी समारोह में मेंहदी लगाने गई 18 वर्षीय छात्रा रहस्यमय तरीके से लापता हो गई, जिसका शव बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। इस घटना ने शादी के उत्सव वाले माहौल को गहरे सन्नाटे और मातम में बदल दिया है।
मेंहदी रचाकर घर नहीं लौटी कॉलेज छात्रा
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को त्रिवेणीगंज के एक गांव में पड़ोस के घर में हल्दी समारोह का कार्यक्रम चल रहा था।
- समारोह में शिरकत: गांव की ही एक 18 वर्षीय कॉलेज छात्रा उस कार्यक्रम में शामिल होने और मेंहदी लगवाने गई थी।
- रहस्यमय गुमशुदगी: बताया जा रहा है कि देर शाम वह हाथों में मेंहदी रचाकर वहां से निकली थी, लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद भी वह अपने घर नहीं पहुँची।
- खोजबीन और बरामदगी: बेटी के घर न लौटने से परिजन चिंतित हो उठे और खोजबीन शुरू की। देर रात गांव के ही एक बांस के पेड़ से उसका शव फंदे से लटका हुआ पाया गया।
परिजनों का गंभीर आरोप: “दुष्कर्म के बाद की गई हत्या”
मृतक छात्रा के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने पुलिस के सामने एक दहला देने वाला दावा किया है:
- जघन्य अपराध: परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म या बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया गया।
- साक्ष्य मिटाने की कोशिश: परिजनों का मानना है कि हत्या के बाद अपराधी ने साक्ष्य मिटाने और मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को बांस के पेड़ से लटका दिया।
- दहशत का माहौल: छात्रा की इस संदिग्ध मौत के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी पुलिस की जांच
घटना की सूचना मिलते ही त्रिवेणीगंज पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लिया।
- कानूनी प्रक्रिया: पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- पुलिस का बयान: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। मौत का सटीक कारण और दुष्कर्म की पुष्टि केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
- जांच का दायरा: पुलिस आसपास के लोगों और समारोह में मौजूद रहे संदिग्धों से भी पूछताछ करने की तैयारी में है।
द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: बिहार में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। सुपौल की इस बेटी के लिए न्याय की मांग अब तेज होने लगी है।


