पटना | 24 फरवरी, 2026: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोमवार को विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापक भ्रष्टाचार और लूट के कारण बिहार सरकार का खजाना अब पूरी तरह खाली हो चुका है।
“वेतन देने के भी पैसे नहीं बचेंगे”
तेजस्वी यादव ने सरकार की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा:
- वित्तीय संकट: भ्रष्टाचार के कारण खजाने में पैसे नहीं बचे हैं, जिससे आने वाले कुछ दिनों में कर्मचारियों को वेतन देने तक का संकट खड़ा हो सकता है।
- बजट पर निराशा: उन्होंने वर्तमान बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें बिहार की जनता के लिए कुछ भी नया या ठोस नहीं है।
21 वर्षों का हिसाब: “बिहार बना सबसे गरीब राज्य”
एनडीए (NDA) के शासनकाल पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि पिछले 21 वर्षों से बिहार में एनडीए की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद राज्य पिछड़ता ही गया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु रहे:
- गरीबी और निवेश: बिहार आज देश का सबसे गरीब राज्य बन चुका है और निवेश के मामले में सबसे फिसड्डी साबित हुआ है।
- बेरोजगारी और पलायन: बेरोजगारी और पलायन की समस्या इतनी विकराल हो गई है कि बिहार अब इन मामलों में देश में पहले नंबर पर पहुँच गया है।
- बुनियादी ढांचा: शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण सेक्टरों की स्थिति बदतर हो चुकी है।
“कुशासन, तानाशाही और अफसरशाही का बोलबाला”
कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और जनता की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- भ्रष्टाचार: आज आम लोग भ्रष्टाचार से त्रस्त हैं और सरकारी तंत्र में केवल अफसरशाही और तानाशाही बढ़ी है।
- अराजकता: तेजस्वी ने आरोप लगाया कि 21 वर्षों के एनडीए शासन का असली चेहरा कुशासन और जनविरोधी नीतियां हैं।
द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: तेजस्वी यादव के इन आरोपों ने सदन से लेकर सड़क तक की राजनीति गरमा दी है। अब देखना यह होगा कि सत्ता पक्ष इन तीखे हमलों का जवाब किस तरह देता है।


