बिहार में IPS अधिकारी सुनील नायक गिरफ्तार; आंध्र पुलिस का बड़ा एक्शन, ‘कस्टोडियल टॉर्चर’ मामले में गिरी गाज

पटना/बिहार | 23 फरवरी, 2026: बिहार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी सुनील नायक को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी आंध्र प्रदेश विधानसभा के वर्तमान उपाध्यक्ष के. रघुराम कृष्ण राजू को हिरासत के दौरान कथित रूप से प्रताड़ित (टॉर्चर) करने के मामले में हुई है।

क्या है पूरा मामला? (2021 का विवाद)

​यह मामला साल 2021 का है, जब आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) की सरकार थी।

  • गिरफ्तारी की वजह: तत्कालीन सांसद के. रघुराम कृष्ण राजू को तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ ‘अपमानजनक टिप्पणी’ करने के आरोप में कोरोना काल के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
  • टॉर्चर का आरोप: राजू ने आरोप लगाया था कि पुलिस हिरासत में रहने के दौरान उन्हें बुरी तरह मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी गई थीं।

आंध्र पुलिस ने बिहार में डाली दबिश

​गुंटूर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) वकुल जिंदल ने सोमवार को पुष्टि की कि IPS सुनील नायक की गिरफ्तारी आधिकारिक रूप से दर्ज कर ली गई है।

  • बिहार कनेक्शन: सुनील नायक फिलहाल बिहार में तैनात थे, जहाँ से आंध्र पुलिस की टीम ने उन्हें हिरासत में लिया।
  • राजनीतिक बदलाव का असर: साल 2024 में आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाले गठबंधन की सरकार आने के बाद, इस पुराने मामले की फाइलें फिर से खुलीं और जगन मोहन रेड्डी सहित कई आला अधिकारियों पर केस दर्ज किए गए।

जांच के घेरे में कई बड़े नाम

​सुनील नायक की गिरफ्तारी इस मामले में एक बड़ी कड़ी मानी जा रही है। राजू के साथ हुई कथित ज्यादती के मामले में आंध्र प्रदेश की नई सरकार बेहद सख्त रुख अपना रही है।

    1. अगली कार्रवाई: सुनील नायक को ट्रांजिट रिमांड पर आंध्र प्रदेश ले जाने की तैयारी की जा रही है।
    2. सवालों के घेरे में: इस मामले में कई अन्य आईपीएस और प्रशासनिक अधिकारियों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

द वॉयस ऑफ बिहार अपडेट: बिहार में किसी दूसरे राज्य की पुलिस द्वारा एक सीनियर आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। यह कार्रवाई संदेश दे रही है कि सत्ता बदलने के बाद पुराने ‘कस्टोडियल’ मामलों पर अब गाज गिरना तय है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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