मैट्रिक परीक्षा के बीच रेल में ‘रंगबाजी’: नरकटियागंज में परीक्षार्थियों के बीच जमकर चले लात-घूंसे; वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

नरकटियागंज/पश्चिम चंपारण | 23 फरवरी, 2026: बिहार में मैट्रिक की परीक्षा के दौरान जहां छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, वहीं पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। परीक्षा देने जा रहे छात्रों के बीच चलती ट्रेन में जमकर मारपीट हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रेल सुरक्षा और छात्रों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चप्पल और लात-घूंसों से छात्र की पिटाई

​वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ट्रेन के डिब्बे के भीतर कुछ युवक एक छात्र को चारों तरफ से घेरकर उस पर टूट पड़े हैं।

  • हिंसा: हमलावर छात्र उसे चप्पल, लात और घूंसों से बेरहमी से पीट रहे हैं।
  • माहौल: ट्रेन के भीतर मची इस अफरा-तफरी के बीच यात्री डरे-सहमे नजर आ रहे हैं, जबकि डिब्बे में शोरगुल और चीख-पुकार का माहौल साफ सुना जा सकता है।

परीक्षा देने जा रहे थे सभी छात्र

​मिली जानकारी के अनुसार, मारपीट में शामिल सभी युवक मैट्रिक के परीक्षार्थी बताए जा रहे हैं। ये सभी छात्र नरकटियागंज स्थित अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुँचने के लिए ट्रेन से यात्रा कर रहे थे।

  • विवाद की वजह: सफर के दौरान किसी बात को लेकर छात्रों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प में तब्दील हो गई।
  • बचाव: हालांकि कुछ यात्रियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित छात्र रुकने को तैयार नहीं थे।

प्रशासन की चुप्पी और अभिभावकों की चिंता

​इस सनसनीखेज घटना और वीडियो के वायरल होने के बावजूद अब तक रेल प्रशासन या स्थानीय पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक कार्रवाई या बयान सामने नहीं आया है।

    1. पहचान: अभी तक मारपीट करने वाले छात्रों की पहचान नहीं हो सकी है।
    2. सुरक्षा की मांग: घटना के बाद अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरा डर बैठ गया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि परीक्षा के दौरान ट्रेनों और स्टेशनों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए।

द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: शिक्षा के मंदिर में प्रवेश करने से पहले इस तरह की हिंसा समाज के लिए चिंता का विषय है। प्रशासन को जल्द से जल्द वायरल वीडियो के आधार पर दोषियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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