भागलपुर | 23 फरवरी, 2026: रेशम नगरी भागलपुर के एक स्थानीय होटल में रविवार को प्रकृति और सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था ‘पुष्प मित्र’ संस्था की ओर से आयोजित 38वीं वार्षिक प्रतियोगिता सह सम्मेलन का। इस प्रदर्शनी में शहर के बागवानी प्रेमियों ने एक से बढ़कर एक फूलों और पौधों का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
80 प्रतिभागियों के बीच कड़ी टक्कर
प्रतियोगिता में लगभग 80 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में फूलों की गुणवत्ता, उनकी बनावट, सुंदरता और स्वास्थ्य के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया। फूलों के साथ-साथ यहाँ सब्जियों और फलों के उन्नत किस्म के पौधों की भी प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने लोगों का ध्यान खींचा।
आकर्षण का केंद्र: विदेशी और देसी फूलों की विविधता
प्रदर्शनी में फूलों की कई ऐसी किस्में देखने को मिलीं, जो भागलपुर की जलवायु में बड़ी मेहनत से उगाई गई हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- प्रमुख फूल: गुलाब, डहेलिया (महलिया), पेटुनिया (पिदुनिया), और पैंजी (पंजी)।
- विशेष किस्में: गेंदा (गैछा), इम्पेशन्स (इमोथेंस) और कई अन्य मौसमी फूलों की सुंदर कतारें।
- सब्जी व फल: किचन गार्डन को प्रोत्साहित करने के लिए जैविक सब्जियों के पौधों का भी प्रदर्शन किया गया।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश: NGO की बड़ी पहल
कार्यक्रम के दौरान संस्था के संरक्षक डॉ. हेम शंकर शर्मा और ‘पुष्प मित्र’ (NGO) की अध्यक्ष डॉ. सुजाता शर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
”यह संस्था हर साल अपना दायरा बढ़ा रही है। हमारा मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपने घरों में हरियाली विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। फूलों के प्रति बढ़ता रुझान इस बात का प्रतीक है कि लोग अब प्रकृति की ओर लौट रहे हैं।” — डॉ. सुजाता शर्मा, अध्यक्ष
पुरस्कार वितरण और उत्साह
प्रतियोगिता के अंत में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बागवानों को पुरस्कृत किया गया। इस आयोजन ने न केवल प्रकृति प्रेमियों को एक मंच प्रदान किया, बल्कि शहर के युवाओं को भी ‘गार्डनिंग’ के प्रति प्रोत्साहित किया।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


